जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश में 31 मार्च तक नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे की डेडलाइन नजदीक है। इसी वजह से माओवादियों में आत्मसमर्पण की होड़ मच गई है। छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिन पर कुल 3.95 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा के 67 नक्सली भी शामिल हैं।
बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में डीवीसीएम रैंक के तहत दो, पीपीसीएम रैंक में चार, एसीएम रैंक में नौ और पीएम रैंक वाले 22 नक्सली शामिल हैं। इस प्रकार कुल 37 नक्सलियों पर 106 लाख रुपये का इनाम था।
नारायणपुर में डीवीसीएम रैंक का एक नक्सली, सीवाईपीसीएम और पीपीसीएम का एक-एक नक्सली तथा पीएम रैंक के दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
बस्तर में डीवीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक के सात नक्सलियों ने सरेंडर किया। कुल मिलाकर 16 नक्सलियों पर 99 लाख रुपये का इनाम था। कांकेर में डीवीसीएम रैंक का एक, एसीएम और पीएम रैंक के एक-एक नक्सली ने आत्मसमर्पण किया। इन तीन नक्सलियों पर 14 लाख रुपये का इनाम था।
सुकमा में सीवाईपीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम रैंक के छह, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
दंतेवाड़ा में डीवीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम के दो, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों पर कुल 69 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।

