Saturday, March 14, 2026
- Advertisement -

20 घंटे का लंबा विद्युत कट, हालात हुए विकट

  • अघोषित बिजली कटौती से कारोबारी गतिविधियां ठप, हजारों कारखानों पर लटके ताले

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शरीर को झुलसाती जून की गर्मी और उस पर 20 घंटे लंबी अघोषित बिजली कटौती ने जान निकाल कर रख दी है। हालात इतने विकट है कि शहर के घनी आबादी वाले शहर सराफा, नील की गली, लाला का बाजार समेत महानगर के तमाम दूसरे इलाकों में हजारों कारखानों पर जहां बगैर बिजली काम संभव नहीं है, वहां ताले लटक गए हैं या फिर कारखाना मालिक दिनभर अकेले बैठे रहते हैं। उन्होंने अपनी सारी लेबर हटा दी है।

नील की गली और उसके आसपास सोना गलाने के करीब सात हजार कारखाने हैं। चैंबर फॉर डेवलपमेट एंड प्रोमोशन आॅफ एमएसएमई के सचिव आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि जब से नौतपा शुरू हुआ है, तब से इस इलाके में 20-20 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों ने यहां तीन-तीन इनवर्टर लगाए हुए हैं। उन्होंने खुद अपने घर में आठ हेवी बैट्री लगवायी हुई हैं। बिजली न आने के कारण काम करना मुश्किल हो गया है। रविवार सुबह इलाके में चार घंटे तक लाइट नहीं आयी।

चार घंटे के लंबे कट के पसीने अभी पूरी तरह से सूखे भी नहीं थे कि हाइटेंशन लाइन का तार टूटने के चलते एक बार फिर से लाइट गुल कर दी गयी। इस बार पूरे नौ घंटे बाद लाइट आयी। 20 घंटे का लंबा कट नौतपा के बाद से शुरू हुआ है। इतने लंबे बिजली कट के बाद भी लोगों द्वारा संयम बरते जाने के सवाल पर आशुतोष बताते हैं कि सभी कारोबारी लोग हैं। यदि सड़क पर उतर कर विरोध करेंगे या आवाज उठाएंगे तो पुलिस वाले मुकदमे दर्ज करने में देरी नहीं लगाते। इसलिए चुप रहना ही बेहतर समझते हैं।

अवर अभियंता बने राजस्व अमीन

ऊर्जा निगम के अवर अभियंताओं की जिम्मेदारी का स्वरूप बदलता जा रहा हैं। अवर अभियंताओं ने शिक्षा तो ग्रहण की टेक्निकल, लेकिन उसके एक दम विपरीत अवर अभियंताओं से अब काम राजस्व वसूली का लिया जा रहा हैं।
मूल जिम्मेदारी जो अभियंता की होती थी, उससे ये भटक गए हैं। जर्जर विद्युत तार बदलने, ट्रांसफार्मर कितने खराब चल रहे हैं, उनकी मरम्मत होगी या फिर बदले जाएंगे? नई विद्युत लाइन का रूट तैयार करना आदि जिम्मेदारी अभियंताओं की होती थी, जो अब दिखाई नहीं दे रही हैं। ऊर्जा निगम के आला अफसरों ने अपने अभियंताओं को राजस्व वसूली में लगा रखा हैं। जो उनकी जिम्मेदारी थी, वो अब नहीं संभल रही हैं। इसी वजह से जनता परेशान हैं। क्योंकि संविदा कर्मियों को जेई का कार्य सौंप दिया गया हैं।

इसी वजह से जगह-जगह बिजली के तार टूटे रहते हैं। कोई रिपोर्ट जर्जर तारों की नहीं बनाई जाती हैं। पूर्ण रूप से अब अवर अभियंता से लेकर एक्सईएन तक के अधिकारी राजस्व वसूली ही फोकस किये रहते हैं। तमाम कार्यों से अवर अभियंता को विरत कर दिया गया हैं, जिसके चलते मूल समस्या सामने आकर खड़ी हो गयी हैं। राजस्व वसूली पर यदि इतना फोकस ही करना है तो अलग से इसके लिए एक विभाग बना देना चाहिए, वहीं राजस्व वसूली करें। महत्वपूर्ण बात ये है कि अवर अभियंता को ही शत प्रतिशत राजस्व वसूली की जिम्मेदारी दी जाती हैं। इसमें लापरवाही होने पर निलंबन की कार्रवाई भी अधिकारी कर रहे हैं, जिसको लेकर सवाल उठना भी लाजिमी हैं।

मौत को करीब से देखा तो कांप गई रुह

मौत को इतने करीब से देखा तो रुह कांप गई। देहलीगेट थाने के लाला के बाजार में रविवार को चालू हाइटेंशन लाइन अचानक टूट कर गिर गई। टूटकर सड़क पर गिरते ही उसमें से आग की चिंगारियां फूटने लगीं। ऐसा लगा किसी ने आतिशबाजी की लड़ी जला दी हो। टूटने के बाद हाइटेंशन लाइन कार्ड की एक दुकान में जाकर गिरी। जहां यह गिरी वहां कई दुकानदार मौजूद थे। दरअसल, हुआ ये कि रविवार सुबह लाला के बाजार नील की गली के मोड़ वाले खंभे पर आग लग गई। उसके बाद बिजली का भारी जलता तार टूट कर रघुनंदन शरण बहीखाते वाले एवं कार्ड वालों की दुकान पर जा गिरा।

इससे उनकी दुकान में अंदर फंसे हुए लोगों की जान सांसत में आ गई। आग उनकी दुकान की तरफ फैलने लगी।
दुकान के बाहर एक स्कूटी खड़ी थी। हाइटेंशन तार यदि उस पर गिर जाता तो वहां बड़ी घटना हो सकती थी। सड़क पर चिंगारियां छोड़ रही हाइटेंशन के रूप में मौत को देखकर वहां भगदड़ गच गयी। इस दौरान एक मुस्लिम युवक ने जान पर देखकर दुकान के भीतर पडेÞ हाइटेंशन तार को लकड़ी से बाहर खींचा, जबकि दुकान के भीतर जो लोग मौजूद थे, वो घबराहट में बुरी तरह चिल्ला रहे थे। बामुश्किल उनकी जान बचाई जा सकी। तब तक यह खबर आसपास के इलाके में फैल चुकी थी।

बड़ी संख्या में वहां लोग जमा हो गए। संयुक्त व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष विजय आनन्द अग्रवाल को सूचित किया। विजय आनंद अग्रवाल ने तमाम अधिकारियों से वार्ता कर मौके पर पहुंच गए। बाजार बंद कर दिया गया। देहलीगेट पुलिस भी पहुंच गयी। विजय आनंद अग्रवाल ने पीवीवीएनएल के बडेÞ अधिकारियों से बात की। उसके बाद मौके पर अधीक्षण अभियंता शहर राजेन्द्र बहादुर व एक्सईएन महेश कुमार मौके पर पहुंच गए। पहुंचते लोगों ने उनके समक्ष एसडीओ के खिलाफ आरोपों की बौछार कर दी।

हालांकि माहौल खराब देखते हुए एसडीओ ने दूरी बनाकर रखी। उन्हें बताया गया कि हाइटेंशन लाइन टूटने से अनेक लोगों की जान जा सकती थी। यह बेहद गंभीर हादसा है। घटना पर अधीक्षण अभियंता व अधीशासी अभियंता ने खेद व्यक्त किया और तत्काल वहां काम शुरू करने की बात कही। इस दौरान काफी गहमा-गहमी मची रही। इस मौके पर पर डा. संजीव, आशुतोष अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, विभु अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, श्रवण कुमार, गिरीश कुमार, जितेंद्र गुप्ता, सचिन गुप्ता, मनोज क्रोकरी वाले, जैन साहब बिस्कुट वाले आदि मौजूद रहे।

लिखित आश्वासन के बाद खुला बाजार

मौके पर पहुंचे बिजली अधिकारियों ने आग्रह किया कि बाजार खुलवा दिय जाए। इस विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि एक छोटा सा कनेक्शन लेने पर 10 पेपर साइन कराए जाते हैं, व्यापारी भी तभी बाजार खोलेंगे जब आप तत्काल काम शुरू कराए जाने की बात लिखकर देंगे। उसके बाद अधिकारियों ने बाकायदा तय समय के भीतर काम शुरू कराए जाने की बात लिखकर दी, तब कहीं जाकर बाजार खुला सका। अच्छी बात ये रही कि काम शुरू भी करा दिया गया। शहर घंटाघर बिजलीघर से नील गली तक नई लाइन डाली जा रही है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Crude Oil: पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल की कीमतों में 41% उछाल, वैश्विक बाजार में बढ़ा दबाव

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल...

BCCI Awards: शुभमन गिल और स्मृति मंधाना चमके, BCCI नमन अवॉर्ड 2026 में जीते बड़े पुरस्कार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)...

Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी रद्द, गृह मंत्रालय ने दी स्वतंत्रता की जानकारी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जलवायु...
spot_imgspot_img