- पूरे प्रदेश में एक साथ हुई छापेमारी, मेरठ-बागपत में छह दिनों तक चलेगा अभियान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख अपनाने के बाद जीएसटी विभाग हरकत में आया और मेरठ और बागपत के 25 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर रजिस्टर आदि जब्त किये गए। वाणिज्य कर विभाग की टीम ने मेरठ व बागपत जिले में जीएसटी नहीं देने वाले व्यापारियों के खिलाफ अभियान की शुरुआत की है।
इस दौरान अलग-अलग टीमें बनाकर 25 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमरी की गई। व्यापारियों द्वारा दिए जानें वाले जीएसटी को लेकर पूरा ब्यौरा मांगा गया है। साथ ही जो व्यापारी जीएसटी समेत अपने माल के बिल आदि नहीं दिखा सकेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी है।
शासन को इस बात की पुख्ता जानकारी मिल रही थी कि कुछ ऐसे व्यापारी हैं, जो करोड़ों का बिजनेस कर रहे हैं, लेकिन जीएसटी नहीं जमा कर रहे हैं। सोमवार को वाणिज्य कर विभाग की टीमों ने मेरठ व बागपत में जीएसटी कलेक्शन को लेकर छापेमारी अभियान की शुरुआत की।
मेरठ में ही 20 व्यापारिक प्रतिष्टानों के दस्तावेज खंगाले गए। छह टीमों ने जिले के अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। इनके साथ पुलिस की पांच टीमें लगाई गई थी। वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी की सूचना व्यापारियों को मिलने के बाद उनमें हड़कंप मच गया। कई जगहों पर व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से भाग खड़े हुए।
सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान विभाग को जीएसटी की बड़ी चोरी का पता चला है। हालांकि विभाग अभी खुलासा नहीं कर रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसका खुलासा किया जाएगा। दरअसल, विभाग को पुख्ता जानकारी मिली थी कि व्यापारी ग्राहकों से जीएसटी लेकर सरकारी खाते में जमा नहीं कर रहे हैं।
छह दिन चलेगा अभियान
वाणिज्य कर विभाग द्वारा रिवेन्यू कलेक्शन को लेकर शुरू किया गया अभियान छह दिनों तक चलेगा। इस दौरान विभाग द्वारा व्यापारिक संस्थानों की सूची तैयार की गई है। जिसके आधार पर छापेमारी की जा रही है। अभियान को लेकर पूरी चौकसी बरती जा रही है, पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा गया है।
रिवेन्यू कलेक्शन को अभियान किया शुरू
रिवेन्यू कलेक्शन को लेकर विभाग द्वारा अभियान की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य उन व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई करना है, जो एसजीएसटी नहीं दे रहे हैं, अभियान छह दिन चलेगा।
-एमपी सिंह, अपर आयुक्त, मेरठ जोन

