जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ-बागपत राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-334-बी टू-लेन का बनेगा। इसका काम तेजी से आरंभ हो गया है। जमीन अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो चुका हैं।
सड़क के दोनों तरफ खड़े पेड़ भी काटे जा चुके हैं। जिस तरह से सड़क चौड़ीकरण का निर्माण चल रहा है, उसे देखकर लगता है कि इसको पूरा होने में करीब दो वर्ष लग जाएंगे।
करीब 371 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले टू-लेन हाइवे के निर्माण से यूपी व हरियाणा के लोगों को राहत मिलेगी। फिलहाल जिस तरह से धूल उड़ रही है, उसे दो वर्ष तक जनता को झेलना पड़ेगा। पूरी सड़क पर धूल ही धूल दिखाई देती है। हाइवे का निर्माण गाजियाबाद की राज श्यामा कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसके मिश्र के अनुसार यह टोल रोड बनेगा। बालैनी के आसपास में टोल लिया जाएगा। क्योंकि यह सेंटर है, जहां पुरामहादेव पर श्रद्धालु भी पहुंचते हैं।
मेरठ बाइपास से बागपत में दिल्ली-सहारनपुर हाइवे करीब 35 किलोमीटर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा गौरीपुर मोड़ से सोनीपत (हरियाणा) बॉर्डर तक हाइवे का निर्माण किया जाएगा।
पूरा हाइवे टू-लेन बनेगा और आबादी क्षेत्र में भी चौड़ीकरण किया जाएगा। मेरठ से बागपत (334 बी) के करीब 45 किमी टुकड़ा है। इसमें 10 किलोमीटर का टुकड़ा गौरीपुर से सोनीपत बॉर्डर का है। इस तरह से 45 किलोमीटर कुल सड़क का निर्माण किया जाना है।
बागपत से लेकर मेरठ बाइपास तक सड़क के दोनों तरफ जितने भी पेड़ खड़े थे, उनको काट दिया गया है। पेड़ काटने की पहले ही अनमुति मिल चुकी है। इसलिए भी अब मेरठ बाइपास से बागपत की तरफ को तेजी से कार्य चलेगा। पहले सड़क के दोनों तरफ चौड़ीकरण करने के लिए खुदाई का कार्य चलेगा।
फिलहाल लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। एक-लेन ही जगह आने-जाने के लिए छोड़ी गई है, जिसमें धूल उड़ रही है। लोगों को इस दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ये परेशानी एक-दो दिन नहीं, बल्कि दो वर्ष तक चलेगी।
इसके बाद ही जनता को राहत मिलेगी। क्योंकि हाइवे का निर्माण पूरा होने में दो वर्ष का समय लग जाएगा। बालैनी से लेकर जानी तक फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
इससे पहले पांचली से लेकर जानी के बीच में भी काम चल रहा है। हाइवे पर जितनी भी पुलिया पड़ती है, एक साइड में करीब-करीब उनका काम पूरा कर दिया गया है।
अब पुलिया का निर्माण दूसरी साइड में चलेगा। यहां पर वाहनों का डायवर्जन किया जाएगा। पुलिया निर्माण के बाद ही सड़क का निर्माण आरंभ किया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए मिट्टी रात-दिन डाली जा रही है। क्योंकि हाइवे की ऊंचाई भी बढ़ाई जा रही है, ताकि पानी सड़क पर नहीं भरे। क्योंकि पानी भरने से भी हाइवे जल्दी क्षतिग्रस्त होता है।
मुख्य बिन्दु
- हाइवे की लंबाई: 45 किलोमीटर
- हाइवे पर आने वाली लागत: 371 करोड़
- हाइवे निर्माण का लक्ष्य: मार्च 2022
- टू-लेन बनेगा हाइवे, आबादी में होगा चौड़ीकरण
- बाइपास नहीं बनेगा, बालैनी के पास लगेगा टोल टैक्स
- बालैनी बस स्टैंड, अमीनगर सराय मोड़, डौला, अग्रवाल मंडी टटीरी और नया गांव में मार्ग बेहद तंग है। हाइवे का चौड़ीकरण करने में यहां परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

