Friday, March 6, 2026
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थानों पर बेरंग हो रही 5000 पीली पर्चियां

  • जनवरी, फरवरी और मार्च में पुलिस आॅफिस पर आई करीब पांच हजार शिकायतें
  • थानेदार पीली पर्ची देखकर मोड़ रहे मुंह

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: थानों पर पीड़ित पक्षों की सुनवाई न होने और उत्पीड़न करने के मामलों का ग्राफ दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके हठधर्मिता और भ्रष्टाचार में लिप्त थानों की पुलिस जानबूझकर पीड़ितों को थाने से दुत्कार कर एक पक्षीय कार्रवाई करने में जुटी है। थानों में न्याय न मिलने पर पुलिस आॅफिस पर फरियाद लेकर पहुंच रहे फरियादियों को एसएसपी आफिस से मिलने वाली पीली न्याय की पर्चियां थानों पर जाकर बेरंग होते दिखाई दे रही हैं।

पुलिस आॅफिस पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले फरियादियों की संख्या प्रतिदिन औसत के हिसाब से पचास से लेकर 65 तक पहुंच रही हैं। थानों से न्याय न मिलने वाले ये फरियादी पुलिस आॅफिस पर जिले के कप्तान के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचते हैं। अपराधिक कृत्य मारपीट, धारा 151, अपकर्षण, जानलेवा हमला, हत्या, दुष्कर्म, पारिवारिक विवाद, धोखाधड़ी, झूठे मुकदमे, चोरी, डकैती, लूट, मिथ्या साक्ष्य देना, मानहानि आदि अपराधिक मामलों से जुड़ी शिकायतें लेकर लोग पुलिस आॅफिस में पहुंचते हैं।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण रोज जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता पूर्वक सुनकर उनका निस्तारण करने के आदेश संबंधित क्षेत्र के सीओ, थाना प्रभारियों, विवेचक को देते हैं। शिकायतों को सुनने के बाद बाकायदा पीड़ितों को एसएसपी आॅफिस से पीली पर्चियां इस साक्ष्य के तौर पर थमाई जाती हैं। ताकि पीड़ित को यह आश्वास्त हो जाए कि उसकी सुनवाई थानों में निश्चित होगी। पीड़ितों या फरियादियों के हाथों में थमाई इन पीली पर्चियों को बाकायदा कम्पयूटर में शिकायतों के नंबर के आधार पर अंकित कर लिया जाता है,

लेकिन एसएसपी के दरबार से निकली इन पीली पर्चियों पर होने वाली सुनवाई की बात की जाये तो यह थानों में जाकर बैरंग होती दिखाई देती हैं। फरियादियों के हाथों में थमाई इन पीली पर्चियों पर कार्रवाई करना तो दूर थानेदार इनकी ओर देखना भी गंवारा नहीं समझते। आखिर एसएसपी आॅफिस के हाथों से निकली इन पीली पर्चियों का खौफ थानेदार पर कोई खास अहमियत नहीं रखता।

यही वजह है कि जिले के विभिन्न हिस्सों से आये फरियादियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। पुलिस आॅफिस पर ढाई माह में जनवरी फरवरी और 14 मार्च तक विभिन्न क्षेत्रों से करीब पांच हजार फरियादी शिकायतें लेकर पहुंचे। इन सभी को पीली पर्चियां देकर उन्हें थानों में मिलने की बात कहकर भेजा गया, लेकिन कई फरियादी यह कहते देखे गए कि इन पीली पर्चियों का थानेदारों पर कोई असर नहीं होता। उनकी समस्या जस की तस बनी रहती है। लोगों का यह कहना कि पीली पर्चियां थानों पर पहुंचकर बेरंग हो जाती हैं।

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