जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस हत्याकांड में अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
चार प्राथमिकी, पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
पटना पुलिस ने इस पूरे मामले में चार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर दुलारचंद यादव के पोते नीरज यादव के बयान पर दर्ज हुई। दूसरी एफआईआर अनंत सिंह के समर्थक जीतेन्द्र कुमार के बयान पर। तीसरी एफआईआर पुलिस ने खुद दर्ज की। चौथी एफआईआर राजद समर्थक गौतम कुमार के आवेदन पर दर्ज की गई, जिसमें राजद प्रत्याशी वीणा सिंह के काफिले पर पथराव का आरोप लगाया गया।
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिये जांच कर रही है।
उन्होंने कहा कि, “जिसने भी कानून तोड़ा है, सब पर कार्रवाई होगी। कई गवाहों से पूछताछ चल रही है और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली दिशा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने या वाहन से कुचलने से नहीं हुई। रिपोर्ट के मुताबिक “दुलारचंद की कोहनी व पसलियां टूटी थीं, दोनों फेफड़े फट गए थे और छाती में खून जमा हो गया था, जिससे हृदयगति रुक गई।”
इससे हत्या की पूरी कहानी नए सिरे से जांच के घेरे में आ गई है। सीआईडी की टीम अब वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
मोकामा में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मोकामा विधानसभा क्षेत्र में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है और जगह-जगह पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की गई है।
आरोप-प्रत्यारोप तेज
दुलारचंद यादव के परिजन अनंत सिंह को फांसी देने की मांग कर रहे हैं, वहीं अनंत सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को साजिश बताया है।
“यह सब वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह की साजिश है। मुझे फंसाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता सब जानती है,” :अनंत सिंह।
वहीं, अनंत सिंह के समर्थक यह आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि “उनकी जीत तय थी।”

