- उत्खनन में निकल चुके हैं महाभारतकालीन के रहस्य, अभी और भी निकलने की संभावना
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: कस्बे में मौजूद प्राचीन पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग मेरठ सर्किल के अधिकारियों द्वारा चल रही खुदाई कार्य में अभी तक कहीं प्राचीन अवशेष निकल चुके हैं। अब यहां से विशेषज्ञों को खुदाई के दौरान जल्द ही बड़े अवशेष निकलने की संभावना है।

पांडव टीले पर पिछले कई दिनों से खुदाई का कार्य चल रहा है। जिस खुदाई से अब तक पुरातत्व विभाग मेरठ सर्किल की टीम को कई प्राचीन विभिन्न काल खंडों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। वहीं, प्राचीन सभ्यता के बारे में जानने के लिए भारतीय पुरातत्व शोध संस्थान नोएडा के छात्र भी यहां पर अध्ययन कर रहे हैं। लगातार पांडव टीले पर चल रही खुदाई से अभी तक कहीं ऐसे प्राचीन अवशेष पुरातत्व विभाग की टीम को मिले हैं कि जिन से अंदाजा लगाया जा रहा है कि पांडव किला जल्द ही बड़े रहस्य उगलेगा।
जिसके लिए पुरातत्व विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है। बता दें कि यह पांडव टीला 1920 से पुरातत्व विभाग के अधीन है, क्योंकि सरकार ने पूर्व में भी यहां पर खुदाई कराई थी और यहां पर अवशेष प्राप्त हुए थे। उसके बाद से पांडव टीले को पुरातत्व विभाग के अधीन कर दिया गया था। यहां पर समय-समय पर भी ऊपरी सतह पर भी कई प्राचीन अवशेष शोध कार्य में लगे छात्रों को मिल चुके हैं। जो पुरातत्व विभाग की टीम को शो में जा चुके हैं।
खुदाई में निकले अवशेष यहां बनने वाले संग्रहालय रखे जाएंगे
पांडव टीले की खुदाई में निकल रहे प्राचीन अवशेषों को हस्तिनापुर में बनने वाले राष्ट्रीय संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा। फिलहाल उन्हें साफ-सफाई कर पुरातत्व विभाग की लैब में उनकी जांच की जा रही है। उसके बाद यहां पर निकलने वाले अन्य अवशेषों को भी राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा जाएगा। जिससे आने वाली पीढ़ी अपनी प्राचीन संस्कृति कौन नजदीकी से जान सके।

