- 18 अवैध डेयरी संचालकों पर मुकदमा दर्ज
- दो दिन पूर्व भी कराई गई थी एफआईआर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में जलभराव की समस्या के पीछे अवैध रूप से चल रही डेयरियां बड़ा कारण है। कई बार अवैध डेयरी संचालकों को नगर निगम ने शहर से बाहर जाने के नोटिस दिये, लेकिन डेयरी संचालकों ने डेयरियां शिफ्ट नहीं की। जिसके बाद अब नगर निगम ने इनके खिलाफ एफआईआर करानी शुरू कर दी है। अभी दो दिन पूर्व भी 21 डेयरी संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। अब शुक्रवार को भी नगर निगम की ओर से 18 डेयरी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

शहर में बारिश होने के बाद सड़कों पर पानी भर जाने की सबसे बड़ी वजह शहर के अंदर चल रही डेरिया हैं। नगर निगम द्वारा नाले-नालियों की सफाई तो लगातार होती रहती है, लेकिन रोजाना डेरियों से निकलने वाले गोबर नाले नालियों में भर जाते हैं जिसकी वजह से पानी ना निकलने की वजह से गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है।
जिससे बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। उक्त क्षेत्र में गंदा पानी का जलभराव हुआ है। जिससे पूरे इलाके में जल प्रदूषण और संकमण रोग फैलने की संभावना हो गयी है और इससे लोगों की जान को खतरा हो रहा है। डेयरी संचालकों के द्वारा उच्च न्यायालय और नगर निगम के वैधानिक आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है।
जिसे ध्यान में रखते हुए बार बार डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किये गये, लेकिन उनकी ओर से डेयरियों को शहर से शिफ्ट नहीं किया गया। जिसके चलते शुक्रवार को भी नगर निगम की ओर से सुरेश यादव, गोपीचंद, प्रवेश त्यागी, कुलदीप कुमार, रामकिशन, सोनू, सुभाष चंद गिरी, अनिल, संदीप, पंकज, प्रमोद कुमार, विजय कुमार, अनिल कुमार, हरिओम, विपिन कुमार, बलराम सिंह, यश अरोड़ा, प्रवेश समेत कुल 18 डेयरी संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
निगम अधिकारी ने कराया सात डेयरी संचालकों के खिलाफ मुकदमा
नगर निगम अधिकारी शहर में डेयरी संचालकों के खिलाफ काफी समय से सख्त रवैया अपना रहे हैं। दरअसल, डेयरी के कारण गंदगी फैलने से नाले चोक हो जाते हैं। जिससे थोड़ी-सी बरसात होने पर रास्ते और नालियों का पता नहीं चल पाता। इसी समस्या से निकलने के लिए नगर निगम अधिकारियों ने डेयरी संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया और शहर से डेयरियों को बाहर निकलवाया। लेकिन अभी भी कुछ डेयरी संचालक नगर निगम अधिकारियों की अनदेखी कर रहे हैं। नगर निगम अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने सात डेयरी संचालकों के खिलाफ गंदगी फैलाने के संबंध में मुकदमा दर्ज कर दिया है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों ने डेयरी की नालियों में गंदगी मिलने पर सख्त कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के नगर निगम के सुपरवाइजर राजेश पुत्र जौहरी सिंह निवासी पुरानी मोहनपुरी ने थाने पर तहरीर देते हुए बताया कि कई दिनों से सैनिक कॉलोनी के डेयरी संचालकों को गंदगी के लिए नोटिस दिया जा रहा था। लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी डेयरी संचालक नालियों की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रख रहे थे। जिससे नाले और नालियां चौक हो रही थी।

नालियां चोक होने के कारण उनका पानी निकल कर बाहर सड़क पर फैल रहा था। पूर्व में भी कई बार डेयरी संचालकों को समझाया गया था। बावजूद इसके डेयरी संचालक लापरवाही से अपना काम कर रहे थे। वही डेयरी संचालक अत्यधिक मात्रा में पानी की बबार्दी कर रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस ने सुपरवाइजर की तहरीर पर नितिन, प्रदीप, सागर, मोंटी, संजीव, अंकित व कालूराम आदि के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम व जल निवारण और नियंत्रण का मुकदमा दर्ज कर दिया है।

