- सुनवाई के बाद नदीम का वारंट जारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में डीन डा. राजबीर सिंह पर हमले की आरोपी महिला प्रोफेसर आरती भटेले की लोकेशन पुलिस को मध्य प्रदेश में मिली है। आरती को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम मध्यप्रदेश के लिए रवाना हो गई। पुलिस ने आरती और शूटर नदीम की गिरफ्तारी वारंट के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई थी। सुनवाई के बाद नदीम का वारंट जारी हो गया है। आरती के अधिवक्ता ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी लगाई थी। इसलिए उसका वारंट नहीं हो सका।
गत 11 मार्च की शाम कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के डिफेंस एन्क्लेव निवासी डीन राजबीर सिंह पर कृषि विवि जाने वाले मार्ग पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस ने अनिल बालियान निवासी सिसौली थाना भौराकलां हाल निवासी मोदीपुरम, शूटर आशु चट्ठा निवासी मीरपुर हाफिजपुर और मुनेंद्र बाना निवासी चितौली हाफिजपुर हापुड़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हत्या की साजिश रचने की आरोपी वेटनरी कालेज की महिला प्रोफेसर डा. आरती भटेले और शूटर नदीम की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली जा रही है। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरती भटेले को जल्द पकड़ लिया जाएगा। उसके खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य जुटा रही हैं। इसके चलते उसे अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। बिल्डर अनिल बालियान की संपत्ति के बारे में रजिस्ट्री कार्यालय और आयकर विभाग से ब्योरा मागा गया है।
पुलिस अवैध तरीके से कमाई उसकी संपत्ति जब्त करेगी। उधर, शूटर आशु चट्ठा को उधम सिंह के गैंग में पंजीकृत किया जा रहा है। एसपी सिटी ने बताया कि आरती भटेले पर पुलिस का दबाव बढ़ता जा रहा है और बहुत जल्द उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कृषि विवि में नियुक्ति प्रक्रिया में बाधा तो नहीं होगी उत्पन्न
प्रोफेसर राजबीर सिंह पर हुए हमले के बाद डा. आरती भटेले का नाम प्रकाश में आने के बाद क्या कृषि विवि में नियुक्ति प्रक्रिया पर रुकावट आएगी। क्योंकि डीन राजबीर सिंह पर हमले का जो षड्यंत्र रचा गया, वह सिर्फ आरती भटेले ने डीन के पद पर कब्जा करने के लिए किया था, लेकिन अचानक इतना बड़ी वारदात के बाद कृषि विवि में हड़कंप मच गया।
हालांकि पुलिस ने इस पूरे घटना का खुलासा करने के बाद अब आरती भटेले की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, लेकिन वह गिरफ्तार नहीं हुई है। हालांकि प्रोफेसर ने पुलिस से बचने के लिए अपना अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में दािखल किया है। हालांकि अभी जमानत प्रार्थना पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा था कि कृषि विवि में नियुक्तियों की जो प्रक्रिया चल रही है।
उस प्रक्रिया पर रोकथाम जरूर होगी, लेकिन फिलहाल अभी तो नियुक्ति प्रक्रिया पर असर पड़ा है, लेकिन अब देखना है कि क्या विवि के कुलपति इन सब परिस्थितियों के बावजूद इस प्रक्रिया को बादस्तूर जारी रखेगे या फिर इसे टाल देंगे। कृषि विवि के कुलपति प्रो. आरके मित्तल का कहना है कि फिलहाल जिन पदों के लिए परीक्षा आयोजित होनी थी। उन परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ा दी गई है।

