- एबीएसए ने भी किया गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का औचक निरीक्षण, मिली खामियां
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: हस्तिनापुर विकास खंड क्षेत्र के शौचालयों में हो रहे भ्रष्टाचार के साथ शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी आदेशों के अनदेखी का मामला जनवाणी समाचार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद छुट्टी समाप्त होते ही सोमवार को खंड विकास अधिकारी शौचालयों की जांच के लिए गांवों में पहुंचे तो खंड शिक्षा अधिकारी ने भी बहसूमा क्षेत्र में एक स्कूल का औचक निरीक्षण कर तत्काल प्रभाव ने स्कूल को बंद करने का नोटिस दे डाला।
बता दे कि ब्लॉक क्षेत्र को प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में दिव्यांगों के लिए बनाये जाने वाले शौचालयों में जनवाणी को भ्रष्टाचार की शिकायत मिल थी। जिस पर जनवाणी टीम ने मामले को प्रमुखता से लेते हुए 14 मई के अंक में दिव्यांग शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार की ‘बू’ शीर्ष को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद सोमवार को खंड विकास अधिकारी अमरीश शर्मा हरकत में आये और आलाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर ग्राम सचिवों से एस्टीमेंट की मांग करते हुए दिव्यांगों के शौचालयों में कोई भी कोताई न बरतने और मानक के अनुरूप दिव्यांग शौचालयों का निर्माण किये जाने के आदेश।

वहीं, जांच के बाद खंड विकास अधिकारी की बात एक बार फिर जनता के गले नहीं उतर रही। निर्माणाधीन दिव्यांग शौचालायों में जहां खुलेआम घटिया निर्माण सामग्री के साथ पुरानी र्इंटों को प्रयोग हो रहा है। वहीं, खंड विकास अधिकारी अमरीश शर्मा जांच के बाद शौचालय निर्माण को हरी झंडी देना और निर्माण में प्रयोग हो रही पुरानी र्इंटों को बजट कम करने के लिए सही बतना एक रहस्य से कम नहीं है।
खंड विकास अधिकारी अमरीश शर्मा का कहना है कि ग्राम पंचायत बजट कम करने के लिए पुरानी र्इंटों को निर्माण में प्रयोग कर सकते हैं। साथ ही सभी से एस्टीमेंट आदि मांगे गये हैं, यदि दिव्यागों के शौचालयों में भ्रष्टाचार हो रहा है तो सख्त कार्रवाई की जायेगी। वहीं, दूसरा मामला शिक्षा विभाग का है। जहां सरकार के उस आदेश को भी शिक्षा विभाग के आलाधिकारियों ने हवा-हवाई कर दिया था।
जिसमें योगी सरकार ने बिना मान्यता के खिलाफ संचालित हो रहे स्कूलों पर कार्रवाई के आदेश दिये थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद जनवाणी ने अपने 13 मई के अंक में मामले को प्रमुखता से यहां उड़ जाती है नियमों की धज्जियां शीर्ष से प्रकाशित किया।
जिसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आये और सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने अभियान चलाकर बहसूमा क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर अमान्य विद्यालय वैदिक सदन को मान्यता संबंधी दस्तावेज न मिलने पर प्रबंधक को नोटिस जारी करते हुए विद्यालय बंद करने की चेतावनी दी।
मामला अखबार में प्रकाशित होने पर संज्ञान में लिया गया है।
मामले की जांच कराई जा रही है, यदि मामला गलत निकलता है तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी।


