- ब्लड रिलेशन में मात्र पांच हजार के स्टांप पर संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए उमड़ रहे हैं परिवार
- ज़ून के मध्य से छह महीने के लिए प्रदेश सरकार ने शुरू किया पायलट प्रोजेक्ट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जून के मध्य में छह माह के शुरू किया गया प्रॉपर्टी गिफ्ट डीड पायलट प्रोजेक्ट परिवारों को खूब भा रहा है। 15 जून से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने संपत्ति अपनों के नाम करने के लिए गिफ्ट डीड (दान विलेख) में महज पांच हजार रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री करने की सुविधा दे दी है। इसके पीछे सरकार की मंशा है कि संपत्तियों के बंटवारे को लेकर होने वाले पारिवारिक विवादों को कम किया जा सके।
सब रजिस्ट्रार कार्यालय से मिले संकेत के मुताबिक इन दिनों होने वाली रजिस्ट्री में 15 प्रतिशत या इससे भी अधिक गिफ्ट डीड शामिल हैं। सहायक आयुक्त स्टाम्प वीके तिवारी का कहना है इस योजना से पहले गिफ्ट डीड की प्रतिदिन एक़दो ही रजिस्ट्री होती रही है। जिसका प्रमुख कारण यह भी रहा कि इस योजना से पूर्व सभी प्रकार की रजिस्ट्रियों पर सर्किल रेट के आधार पर स्टांप शुल्क लेने की व्यवस्था रही।

जिसके कारण परिवार के सदस्य बहुत जरूरी होने पर ही संपत्तियों की रजिस्ट्री कराते रहे, ताकि उन्हें स्टांप शुल्क न देना पड़े। वहीं योजना के लागू होने के साथ ही गिफ्ट डीड रजिस्ट्री के प्रकरण सैकड़ों की संख्या में आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गिफ्ट डीड के दायरे में पारिवारिक सदस्यों में पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु, दामाद, सगा भाई, सगी बहन, पुत्र-पुत्री का बेटा-बेटी को शामिल किया गया है।
छूट का लाभ स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने की तिथि से छह महीने के लिए दिए जाने का निर्णय लिया गया है। हालांकि ऐसे संकेत भी हैं कि छूट के बाद राजस्व व रजिस्ट्रियों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर समय-सीमा छह माह से आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
यह भी उल्लेखनीय है कि महाराष्टÑ, कर्नाटक व मध्य प्रदेश में पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्तियों के दान विलेखों पर स्टांप शुल्क में छूट देने की व्यवस्था है। दरअसल भारतीय स्टांप अधिनियम के प्रावधानों के अधीन राज्य सरकार चाहे तो यह छूट दे सकती है।
पंजीकरण शुल्क में नहीं मिलेगी छूट
प्रॉपर्टी गिफ्ट डीड में प्रदेश सरकार की ओर से पांच हजार रुपये में रजिस्ट्री कराने का प्रावधान रखा गया है। वहीं, इस योजना में पंजीकरण शुल्क में कोई छूट नहीं दी जा रही है। पंजीकरण शुल्क के रूप में सर्किल रेट से किए गए प्रॉपर्टी के मूल्यांकन का एक प्रतिशत रजिस्ट्री के लिए जमा किया जाता है।
शासनादेश कार्यालयों तक पहुंचने से पहले ऐसा माना गया था कि गिफ्ट डीड में रजिस्ट्री के लिए निर्धारित पांच हजार रुपये की भांति एक हजार रुपये का शुल्क देय होगा, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि सरकार के स्तर से केवल स्टांप में छूट दी गई है। बाकी पंजीकरण शुल्क पूर्व की भांति देय होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी संपति की सर्किट रेट से कीमत 10 लाख रुपये आंकी गई तो उस पर पंजीकरण शुल्क 10 हजार रुपये वसूल किया जाएगा।
एक अगस्त से लागू होंगे नए सर्किल रेट
जनपद में नए सर्किल रेट के लिए मूल्यांकन के काम को इन दिनों फाइनल टच दिया जा रहा है। नए सर्किल रेट एक अगस्त से लागू हो जाएंगे। यानि मौजूदा सर्किल रेट पर संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए जुलाई महीने के शेष बचे तीन सप्ताह का समय ही रह गया है।
सहायक आयुक्त स्टांप वीके तिवारी का कहना है कि प्रावधान के अनुसार प्रतिवर्ष डीएम स्तर से जिले की संपत्तियों का सर्किल रेट निर्धारित किया जाता है। हालांकि मेरठ जनपद में एक अगस्त 2016 से इसमें कोई तब्दीली नहीं की गई है। इस वर्ष एक अगस्त से नई दरें लागू होने की प्रबल संभावना है।

