- खैरनगर में एसओजी के छापे से धड़ाधड़ दुकानें बंद
- तीन पकड़े, प्रोटीन के नाम पर बेचा जा रहा था जहर
- ड्रग और फूड इंस्पेक्टर ने जांच को सैंपल लिये
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसओजी ने खैरनगर में नकली प्रोटीन बेचने वाली दुकान में छापा मारकर लाखों रुपये कीमत का प्रोटीन बरामद कर तीन व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। शाहपीर गेट में घर में नकली प्रोटीन बनाकर दुकानों पर बेचा जाता था। एसओजी की छापे की कार्यवाही से हड़कंप मच गया और खैर नगर में प्रोटीन बेचने वाली दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगी। पुलिस को एकस्ट्रा पावर नामक दुकान से सैकड़ों की तादाद इंजेक्शन और शक्तिबर्धक दवाइंयों के अलावा हजारों की तादाद में रैपर आदि मिले हैं।
एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि खैरनगर में एकस्ट्रा पावर नामक दुकान में छापा मारकर शाहपीर गेट निवासी सईद अहमद, बिलाल पुत्र सलीम अहमद और दाउद सैफी पुत्र सलीम अहमद को गिरफ्तार कर उसकी दुकान से लाखों की कीमत का माल बरामद किया गया है। दुकान से 60 किलो सप्लीमेंट, सैकड़ों की तादाद में ताकत और नशे के इंजेक्शन, रैपर आदि बरामद किये गए हैं।

उन्होंने बताया कि दुकानदार डिब्बे में अंकित एमआरपी पर प्रोटीन बेचते थे अगर कोई ज्यादा जोर देता था उसे दस प्रतिशत की छूट देते थे। पुलिस को मौके से दस डिब्बे प्रोटीन के मिले हैं जिनकी कीमत करीब 60 किलो है। आरोपियों ने बताया कि वे लोग शाहपीर गेट स्थित अपने घर पर नकली प्रोटीन बनाकर बेचते थे। इसकी सप्लाई शहर की कई दुकानों में करते थे। छापे की सूचना मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर और फूड इंस्पेक्टर टीम के साथ पहुंच गए और बरामद सैंपल जांच के लिये ले गए।
एसओजी और देहलीगेट पुलिस के छापे से हड़कंप मच गया और प्रोटीन बेचने वाली दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगी। बड़ी संख्या में दुकानदार अपनी दुकानों में ताला डालकर मौके से भाग गए। बताया जा रहा है कि एसएसपी को कुछ समय से यहां पर नकली व मिलावटी प्रोटीन बेचे जानें की सूचना मिल रही थी। इसके बाद एसओजी को दबिश के लिए भेजा गया जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
प्रोटीन के नाम पर बेचा जा रहा जहर
खैरनगर बाजार में बड़ी संख्या में बॉडी बिल्डिंग करने वाले युवाओं को लुभाने के लिए दुकानों पर भारी मात्रा में प्रोटीन के नाम पर जहर बेचा जा रहा था। बताया जा रहा है कि डिब्बा बंद प्रोटीन में स्टेराइड व अन्य केमिकल मिलाया जाता है जिसके बाद इसे प्रोटीन के नाम पर धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इसको खाने से युवाओं के पेट में बीमारियां फैलती है।
बाडी बिल्डिंग करने वाले युवाओं को प्रोटीन के नाम पर स्टेराइड खिलाया जा रहा था। इससे एक्सरसाइज करते हुए यदि किसी को चोट लग जाए या शरीर में दर्द होता हो तो प्रोटीन के नाम पर उसे स्टेराइड दिया जाता है जिससे उसका दर्द समाप्त हो जाए। वहीं जिन इंजेक्शनों को बरामद किया गया है उनके प्रयोग से नुकसान होता है।
स्टेराइड बेचने वाली दुकानों पर लगे सील
मेरठ केमिस्ट एड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने इस तरह का कारोबार करने वाले दुकादारों की दुकानों पर सील लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह दुकानदार युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रोटीन के नाम पर युवाओं को जहर बेचा जा रहा है जिसको लेकर प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

