जनवाणी फीचर डेस्क |
आज पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बार जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भी भ्रम की स्थिति थी। 19 अगस्त को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी मथुरा और वृंदावन के आधार पर मनाई जा रही है।
प्रियजनों को दें ये शुभकामना संदेश
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे।
हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे।।

जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को राशिनुसार पहनाएं वस्त्र
कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की आराधना होती है। इस दिन लोग बाल गोपाल के लिए झूला सजाते हैं और उनका श्रृंगार करते हैं। यदि आप कृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को अपनी राशि के अनुसार वस्त्र पहनाएंगे तो इसका शुभ फल आपको प्राप्त होगा।
मेष: मेष राशि के जातक कृष्ण जन्माष्टमी पर बाल गोपाल का लाल रंग के वस्त्र पहनाएं ।
वृषभ: वृषभ राशि के जातक कृष्ण जन्माष्टमी पर कन्हैया का श्रृंगार चांदी की वस्तुओं जैसे चांदी की बांसुरी आदि से करें।
मिथुन: मिथुन राशि वालों को कृष्ण जी को सतरंगी वस्त्र धरण कराने चाहिए।
कर्क: कर्क राशि वालों को कृष्ण जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को सफेद रंग के वस्त्र अर्पित करने चाहिए।
सिंह: सिंह राशि के जातकों को अपने लड्डू गोपाल का शृंगार श्रृंगार गुलाबी रंग के वस्त्रों से करना चाहिए।
कन्या: कन्या राशि के जातकों को हरे रंग के वस्त्रों से कान्हा का श्रृंगार करना चाहिए।
तुला: तुला राशि के जातकों को बाल गोपाल का केसरिया रंग के वस्त्र पहनाने चाहिए।
वृश्चिक: जन्माष्टमी पर वृश्चिक राशि वालों को कान्हा को लाल रंग के वस्त्र पहनकर उनका श्रृंगार करना चाहिए।
धनु: धनु राशि वालों को कृष्ण जन्माष्टमी पर पीले रंग के वस्त्रों से बाल गोपाल का श्रृंगार करना शुभ रहेगा।
मकर: मकर राशि वाले कन्हैया का श्रृंगार पीले व लाल रंग के वस्त्रों से करें।
कुंभ: कुंभ राशि के जातकों को भगवान कृष्ण का श्रृंगार नीले रंग के वस्त्रों से करना शुभ रहेगा।
मीन: मीन राशि के जातकों को लड्डू गोपाल का श्रृंगार पीत या पीले या पीताम्बर रंग के वस्त्रों से करना चाहिए।

मुंबई में दही हांडी प्रतियोगिता में लड़कियों ने लिया हिस्सा
#WATCH | Maharashtra: Girls participate in the Dahi Handi competition in Mumbai on the occasion of Janmashtami
Visuals from Dadar Nakshatra Lane, Mumbai pic.twitter.com/0PwbhPd1y2
— ANI (@ANI) August 19, 2022
मुंबई में दही हांडी उत्सव काफी उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वहीं गोविंदाओं की टोली भी दही हांडी के लिए काफी जोश में नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के पावन अवसर मर मुंबई के दादर नक्षत्र लेन में दही हांडी प्रतियोगिता में लड़कियों ने भी भाग लिया।
जन्माष्टमी पर शेष राशि करें इन मंत्रों का जाप
तुला: तुला राशि वाले ‘ॐ लीला-धराय नम:’ मंत्र का जाप करें। इससे आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
वृश्चिक: इस राशि के जातकों को वराह भगवान का ध्यान कर ‘ॐ वराह नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। जो भी जन्माष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप करता है उसे जीवन में कोई परेशानी नहीं आएगी।
धनु: धनु राशि वालों को ‘ॐ जगद्गुरुवे नम’: मंत्र का जाप करना चाहिए। यह मंत्र सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है।
मकर: मकर राशि वालों को ‘ॐ पूतना-जीविता हराय नम:’मंत्र का जाप करना चाहिए। यह जीवन में आर्थिक समृद्धि लाता है।
कुंभ: कुंभ राशि के जातकों को जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण का ध्यान करते हुए ‘ॐ दयानिधाय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र से सदैव सफलता मिलेगी।
मीन: मीन राशि के जातक ‘ॐ यशोदा-वत्सलाय नम:’ मंत्र का जाप करें। मान्यता है जन्माष्टमी पर जो भी इस मंत्र का जाप करता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।

जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार करें मंत्र जाप
कृष्ण जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार मंत्र जाप करने स सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
मेष: मेष राशि के जातकों को श्री कृष्ण के मंत्र ‘ॐ कमलनाथाय नम:’ का जाप करना चाहिए, यह मानसिक कष्ट से निजात दिलाता है।
वृष: वृषभ राशि के जातकों को श्री कृष्ण के अष्टक का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान कृष्ण की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।
मिथुन: मिथुन राशि वालों को ‘ॐ गोविन्दाय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे साहस और पराक्रम में वृद्धि होती है।
कर्क: जन्माष्टमी के दिन कर्क राशि के जातक राधाष्टक का पाठ करें। श्री राधा श्री कृष्ण की प्रिय हैं और इसीलिए इसके पाठ से श्रीकृष्ण की विशिष्ट कृपा होती है।
सिंह: सिंह राशि के जातकों को श्री कृष्ण के मंत्र ‘ॐ कोटि-सूर्य-समप्रभाय नम:’ का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।
कन्या: कन्या राशि के जातक ‘ॐ देवकी-नंदनाय नम:’ मंत्र का जाप करें।इससे भगवान कृष्ण की कृपा हमेशा बनी रहेगी।

जन्माष्टमी पर करें इस मंत्र का जाप
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर लोग उपवास रखकर और श्रद्धा भाव से बाल गोपाल की पूजा अर्चना करते हैं। यदि आप भी कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की आराधना करके उनको प्रसन्न करना चाहते हैं। तो श्री कृष्ण के इस पवित्र मंत्र का जाप जरूर करें।
ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
जन्माष्टमी 19 अगस्त 2022 के शुभ मुहूर्त
आज 19 अगस्त के दिन जन्माष्टमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:32 से प्रातः 05:16 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 से दोपहर 12: 56 तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:47 से सायं 07:11तक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दी शुभकामनाएं
जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान कृष्ण की जीवन लीला से लोक-कल्याण हेतु निष्काम कर्म करने की शिक्षा मिलती है। मेरी कामना है कि यह पावन पर्व हम सभी को मन, वचन और कर्म से सबके हित को प्राथमिकता देने की प्रेरणा प्रदान करे।
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 19, 2022
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर भारत और विदेशों में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं में जन कल्याण और सदाचार का संदेश शामिल है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने ‘निष्काम कर्म’ की अवधारणा का प्रचार किया और लोगों को ‘धर्म’ के मार्ग के माध्यम से परम सत्य की प्राप्ति के बारे में बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार लोगों को मन, वचन और कर्म में सद्गुण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में मनाएंगे जन्माष्टमी
#UPCM @myogiadityanath ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का धरा पर अवतरण धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए हुआ था। श्रीकृष्ण का जन्म अधर्म, अन्याय व अत्याचार समाप्त करने की प्रेरणा देता है। pic.twitter.com/eTbaWuHvlw
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 19, 2022
पिछले साल की तरह इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में जन्माष्टमी मनाएंगे। आज यानी 19 अगस्त को वह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर जन्माष्टमी की बधाई दी है।
इस बार रोहिणी नक्षत्र में नहीं है जन्माष्टमी
कहते हैं श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसीलिए रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व है। लेकिन इस बार जन्माष्टमी की किसी भी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है। हिन्दू पंचांग के आधार पर रोहिणी नक्षत्र 20 अगस्त को रात्रि 01: 54 से लग रहा है। इस बार जन्माष्टमी कृतिका नक्षत्र में मनाई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
सभी देशवासियों को जन्माष्टमी के पावन-पुनीत अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भक्ति और उल्लास का यह उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए। जय श्रीकृष्ण!
— Narendra Modi (@narendramodi) August 19, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को ट्विटर के माध्यम से जन्माष्टमी की बधाई दी।
जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त
- श्रीकृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त: 18 अगस्त रात्रि 12:20 मिनट से 01:05 मिनट तक है।
- कुल पूजा अवधि: 45 मिनट
- पारण का समय: 19 अगस्त, रात्रि 10 बजकर 59 मिनट के बाद है।
नन्द के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।
आज का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। मथुरा-वृंदावन में कान्हा के मंदिर सजा दिए गए हैं। कृष्ण जन्मोत्सव मनाने के लिए भक्त गुरुवार से ही मंदिरों में पहुंचना आरंभ कर चुके हैं। आज 19 अगस्त को लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैसे तो कृष्ण जन्माष्टमी इस बार 18 और 19 अगस्त दिन दो दिन मनाई जा रही है। पंचांग के मुताबिक, अष्टमी तिथि 18 अगस्त को शाम 09 बजकर 21 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 19 अगस्त को रात के 10 बजकर 59 मिनट पर खत्म होगी। परंतु वृंदावन और मथुरा में आज यानि 19 अगस्त को जन्माष्टमी के महाटोसाव का आयोजन किया जा रहा है।

