Wednesday, March 25, 2026
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राजस्थान: सरकारी स्कूल में दलित छात्रों को अलग बैठकर मिड-डे-मील बांटा

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: राजस्थान के जालोर में दलित छात्र की पिटाई से मौत पर गहलोत सरकार घिरी हुई है। अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को राजस्थान के स्कूलों में मिड डे मील परोसने में कथित भेदभाव की शिकायत मिली है। यह भी आरोप लगाया कि मिड डे मील के लिए अनुसूचित जाति के लोगों से खाना बनवाने का काम नहीं लिया जाता है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने रविवार को ऑल इंडिया एससी-एसटी वेलफेयर एसोसिएशन फेडरेशन के एक कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि हमें राजस्थान में स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के दौरान अनुसूचित जाति के बच्चों को अलग बैठाए जाने की सूचनाएं मिली हैं। जिसके बाद उन्होंने उन स्कूलों की लिस्ट मांगी है, जहां भेदभाव किया जा रहा है।

सांपला ने ने दावा किया कि मिड डे मील के लिए अनुसूचित जाति के लोगों से खाना बनवाने का काम नहीं लिया जा रहा है। इसकी सच्चाई जानने और पुष्टि के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। विजय सांपला ने कहा कि अगर ऐसा सरकारी स्कूलों में हो रहा है तो यह बहुत निंदनीय भी है। सांपला ने कहा कि आयोग देश के अन्य राज्यों को भी पत्र लिख रहा है कि जब स्कूलों को मान्यता दी जाती है तो उसमें उस स्कूल प्रबंधन से अनुसूचित जाति के प्रति जागरूकता का शपथ पत्र भी लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में भेदभाव नहीं होना चाहिए और शिक्षकों को भी इस संबंध में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। आयोग जयपुर में 24- 25 अगस्त को सभी विभागों के साथ विभिन्न मुद्दों की समीक्षा बैठक करेगा।

अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष ने गहलोत सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दलित अत्याचारों की कई घटनाएं आयोग के सामने आती रहती है। जिस पर राजस्थान सरकार और पुलिस महकमे को नोटिस भी जारी किए जाते हैं लेकिन इसका जवाब नहीं मिलता।

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