- दो साल बाद धूमधड़ाका, शहर में हुई 500 से अधिक शादियां
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देवोत्थान एकादशी पर अबूझ साया होने की वजह से शहर से देहात तक खूब शहनाई गूंजी। जहां शहर के सभी मंडप फुल रहे वही सड़कों पर बैंड-बाजा और बरात की भी खूब धूम रही। वहीं, कोरोना के बाद जमकर हुई शादियों से मैरिज इंडस्ट्रीज को भी कारोबार मिला।
इस दौरान शहर के सभी बैंड, घोड़ी और बग्गी वाले बुक रहे। देवोत्थान से सहालग की शुरुआत हो गई है अब 14 दिसंबर तक जमकर शादियों होगी। वहीं सड़कों व गली-मोहल्लों में बरात निकलने की वजह से जाम की स्थिति भी रही। शाम 7 बजे से ही फिजाओं में बैंड बाजों की आवाज गूंजने लगी थी। बैंड बाजा बजने का क्रम आधी रात तक जारी रहा।

लोग आज मेरे यार की शादी है, नागिन डांस और भांगडेÞ आदि पर थिरकते नजर आए। हिंदू समाज में देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्यो की चार माह बाद शुरुआत होती है। रविवार को आखिर वह घड़ी आ गई जिसका इंतजार काफी समय से वर और वधु को था। ज्योतिचार्य राहुल अग्रवाल के अनुसार अब 15 दिसंबर से खरमास शुरू होने पर मकर संक्राति तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

