Saturday, March 28, 2026
- Advertisement -

रविवार को मनेगा मकर संक्रांति का पर्व

  • मलमास के कारण तिथि में हो रहा परिर्वतन
  • 14 की रात 8 बजकर 46 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे सूर्यदेव
  • चित्रा नक्षत्र और सुकर्मा योग में मनाया जाएगा पर्व

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: देश में मकर संक्रांति को अलग-अलग राज्यों में विभिन्न नामों के साथ मनाया जाता है। मकर संक्राति को गुजरात में उत्तरायण, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी, असम में इस दिन को बिहू और दक्षिण भारत में इस दिन को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव उत्तरायण हो जाते हैं और इसी दिन से सर्दियां कम होने लगती है और दिन लंबे और रातें छोटी होने लगती है।

मकर संक्रांति पर सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश कर जाते हैं। ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होने लगता है। उत्तरायण होना चाहिए सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक उत्तर दिशा की ओर से आने लगेगा। उत्तर देवताओं की दिशा मानी गई है। इस घटना को देवताओं के दिन की शुरुआत भी माना जाता है।

क्यों कहते हैं मकर संक्रांति?

इस पर्व का संबंध सूर्य से है और सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे संक्रांति कहा जाता है। 14 जनवरी को सूर्य धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगा, इस वजह से इस पर्व को मकर संक्रांति कहा जाता है। पंचांग के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी 2023 की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे। उदया तिथि 15 जनवरी को प्राप्त हो रही है।

ऐसे में मकर संक्रांति नए साल में 15 जनवरी को मनाई जाएगी । मकर संक्रांति का त्योहार इस बार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। हालांकि 14 की रात 8 बजकर 46 पर मकर राशि में प्रवेश करेगा, लेकिन ज्योतिष के अनुसार अगले दिन यानी रविवार को उदया तिथि मे मकर संक्रांति पर्व मनाना शुभ रहेगा।

इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के लिए पुण्य काल सुबह 7 बजे शुरु होगा जो कि शाम 6 बजे तक रहेगा। त्योहारों की तिथि तय करने वाले ग्रंथ धर्मसिंधु और निर्णय सिंधु के अनुसार अस्त होने के बाद सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तो अगले दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है मकर संक्रांति का त्योहार इस बार 15 जनवरी को मनाया जाएगा ।

मकर संक्रांति पर शुभ मुहूर्त

सूर्य देव 14 जनवरी की शाम तक धनु राशि में रहेंगे, तब तक खरमास रहेगा। इसी दिन ये खत्म हो जाएगा। इसलिए 15 जनवरी से मांगलिक कामों की शुरूआत हो जाएगी। इसी तारीख को चित्रा नक्षत्र और अष्टमी तिथि होने से व्हीकल खरीदारी के लिए शाम करीब साढ़े 7 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा।

मकर सक्रांति पर योग

  • सुकर्मा योग-14 जनवरी दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 11 बजकर 51 मिनट तक।
  • धृति योग-15 जनवरी 11 बजकर 51 मिनट से 16 जनवरी सुबह 10 बजकर 31 मिनट तक।

मकर सक्रांति पर स्नान-दान का विशेष महत्व

इस दिन पानी में तिल और गंगाजल मिलाकर नहाने की परंपरा है। साथ ही दिनभर जरुरतमंद लोगों को तिल से बनी चीजें, कपड़े और खाना दान करना चाहिए। ऐसा करने से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर खासतौर से अन्न दान, तीर्थ, गंगा स्नान करना चाहिए।

खरमास होगा समाप्त मांगलिक कार्य होंगे शुरु

मकर संक्रांति के साथ ही खरमास का भी समापन हो जाएगा, जो पिछले माह सूर्य देव के धनु राशि में प्रवेश के साथ प्रारंभ हुआ था। खरमास में विवाह, मुंडन संस्कार, ग्रह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। ऐसे में मकर संक्रांति के साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगी रोक भी हट जाएगी।

22 सालों में 13 वर्ष 15 जनवरी को मना मकर संक्रांति का पर्व

कई पंचागों के अनुसार पिछले 21 सालों में 11 वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने अच्छा रहा है। 2001, 2002, 2005, 2006, 2009, 2010, 2013 और 2014 में 14 जनवरी को पुण्यकाल होने के कारण चूड़ा-दही व तिल खाना शुभ रहा।

जबकि 2003, 2004,2007, 2008, 2011, 2012, 2014, 2015, 2018, 2019 और 2020 में 15 जनवरी को मकर संक्रांति त्योहार रहा। 2021 में 14 जनवरी को मना। साल 2022 में 14 और 15 जनवरी दो दिन हो गया। साल 2023 में 15 जनवरी लेकिन, पंचांग नहीं मनाने वालों ने हर साल 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनाते हुए चूड़ा-दही व तिलकुट खाते हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

भविष्य की सुपरस्टार हैं आयशा खान

एक्ट्रेस आयशा खान ने साल 2025 में फिल्म 'जाट'...

सेल्फ ऑब्सेशन के लिए जानी जाती हैं उर्वशी रौतेला

बॉलीवुड से लेकर इंटरनेशनल फैशन और ग्लैमर इंडस्ट्री तक...

मनोरंजन की गिरावट और मौन सेंसर बोर्ड

अजय जैन 'विकल्प' 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' के दौर में इन दिनों...

फरेब लाल का एआई और ठगी गई जनता

रामपुर गांव के आधुनिकतावादी 'फरेब लाल' ने जब इस...

भविष्य की रोशनी का वैश्विक संकल्प

प्रकृति और मनुष्य का रिश्ता आदिकाल से एक अटूट...
spot_imgspot_img