जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: गांव रासना में बुधवार को पीर बाबा गुलाम हुसैन के 14वें उर्स मुबारक का आयोजन किया गया। बुधवार की शाम को बाद नमाजे अस्र बुजुर्ग हजरत बाबा का उर्स मुबारक अपनी रिवायत के मुताबिक शुरू हो गया। यह उर्स मुबारक हर वर्ष 18 नवंबर को आयोजित किया जाता है। उर्स की शुरूआत में अकीदतमंदों ने बाबा गुलाम हुसैन की मजार पर चादरपोशी करते हुए फातिया पढ़ी। पीर के गद्दीनशीन बाबा रोनक अली शाह ने जानकारी देते हुए बताया कि बाबा गुलाम हुसैन करीब 175 साल पुराने बुजुर्ग हैं।
कौम की बुराईयों को खत्म करने के लिए अपने बाबा गुलाम हुसैन ने संघर्ष करते हुए अपने जीवन को खुदा के नाम पर कुरबान किया। साथ ही बाबा ने आपसी भाईचारे को हमेशा बढ़ाने के लिए अपने समाज को जोड़ा। मान्यता है कि पीर बाबा के मजार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं लौटा है। जो भी यहां आकर अपनी झोली फैलाता है, पीर बाबा उसकी मुराद जरूर पूरी करते हैं। हिंदू और मुस्लिम का यहां कोई भेदभाव नहीं रहता सभी मिलकर उर्स का आयोजन करते हैं। जिसके चलते पिछले तेरह सालों से लगातार हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब व दिल्ली के अलावा दूरदराज से अकीदतमंद उर्स मुबारक में पहुंचकर बाबा के मजार पर चादरपोशी करते हुए अमन चैन की दुआ करते हैं।
पीर के मुतव्वली और उर्स मुबारक के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी अमरीश त्यागी और सचिन प्रधान ने पीर पर चादर चढ़ाते हुए मात्था टेक कर मन्नत मांगी। इससे पहले गांव के रास्ते पर बाबा की बुलंद झंडे के साथ सवारी निकाली गई। बुजुर्ग पीरबाबा शेख शाहबुद्दीन शाह साबरी चिश्तिया ने दुनिया में अमन चैन की दुआ के लिए खिताब फरमाया। दूर-दराज इलाकों से आए जायरीनों ने मजार-ए-मुबारक पर चादरपोशी कर मुल्क में अमन और कौम की सलामती की दुआ मांगी। जिसके बाद वरिष्ठ समाजसेवी अमरीश त्यागी ने लंगर में सभी को खाना व प्रसाद वितरित किया।
अकीदतमंदों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से उर्स मुबारक पर सैंकड़ों लोगों की मन्नत पूरी हुई हैं। साथ ही पीर के उर्स पर सर्वसमाज के लोग मिलजुलकर सहयोग करते हैं। जिससे यहां आपसी भाईचारे की मिशाल कायम हो रही है। इस दौरान इदरीश त्यागी, ब्रजमोहन, बबली त्यागी, नरेन्द्र, डॉ. नासिर, इमरान त्यागी, सचिन गुप्ता, हाजी मुबारिक, अशोक, संदीप सोनी, कुलदीप, निजाम, मुमताज, शिवकुमार, शमशाद, इरफान आदि मौजूद रहे।

