- संविदा परिचालक से ड्यूटी देने के लिए सिकंदराबाद बस डिपो की कनिष्ठ केंद्र प्रभारी इरा मित्तल ने मांगी थी रिश्वत
- मेरठ से गई विजिलेंस टीम ने डिपो में किया रंगेहाथों गिरफ्तार, थाना पुलिस को सौंपा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक संविदा परिचालक की शिकायत पर मेरठ मंडल विजिलेंस टीम ने सिकंदराबाद रोडवेज डिपो में कार्रवाई की। जहां कनिष्ठ केंद्र प्रभारी ईरा मित्तल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया। टीम ने महिला अधिकारी को गिरफ्तार करते हुए सिकंदराबाद थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। इस संबंध में विजिलेंस टीम में शामिल अंजू भदौरिया की ओर से सिकंदराबाद थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।
जिसमें बताया गया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सिकंदराबाद डिपो में संविदा परिचालक सतेंद्र कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। जिसमें बताया गया कि डिपो में कनिष्ठ केंद्र प्रभारी ईरा मित्तल उसे ड्यूटी पर नहीं ले रही है। जब उसने ड्यूटी दिए जाने की मांग रखी, तो उससे 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। इस शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने ईरा मित्तल को ट्रेप करने के लिए बुलन्दशहर जिला प्रशासन से संपर्क किया।

डीएम ने एसडीएम दीपक कुमार को गवाह के रूप में भेजा। टीम ने केमिकल और हस्ताक्षर किए हुए नोटों के साथ शिकायतकर्ता सतेंद्र कुमार बस कंडक्टर को भेजा। विजिलेंस टीम में शामिल अधिकारी आसपास घात लगाकर खड़े हो गए। जैसे ही ईरा मित्तल ने रिश्वत के रुपये अपने हाथों में लिए, टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। इस दौरान वहां डिपो के अन्य अधिकारी और स्टाफकर्मी भी एकत्र हो गए।
विजिलेंस टीम ईरा मित्तल को अरेस्ट करके सिकंदराबाद थाने ले गई। जहां उसे पुलिस के हवाले करते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई। टीम में अंजू भदौरिया के साथ दुर्गेश कुमार इंस्पेक्टर मेरठ मंडल प्रभारी, सब इंस्पेक्टर अमृतपाल सिंह समेत 14 अधिकारी शामिल रहे।
फटा तिरंगा लहरा रहा गांधी आश्रम में, वीडियो हुआ वायरल
मेरठ: गांधी आश्रम वो स्थल है, जहां पर राष्टÑपिता महात्मा गांधी पहुंचे थे। यहां पर तिरंगे का सम्मान किस तरह से किया जाता हैं, उसका एक वीडियो वायरल हो रहा हैं। वायरल वीडियो में तिरंगा लहर तो रहा हैं, लेकिन फट चुका हैं। उसको बदला तक नहीं गया। गांधी आश्रम संस्थान में जमीन की डीड करने को लेकर तो मारा-मारी मची हैं, लेकिन राष्टÑीय ध्वज जो फटा हुआ लहर रहा है, उसको देखने की फुर्सत गांधी आश्रम समिति के पास नहीं हैं।

चौबीस घंटे गांधी आश्रम परिसर में ये लोग रहते हैं, मगर फटा हुआ राष्टÑीय ध्वज दिखाई नहीं देता। इसकी वीडियो वायरल हो रही हैं। वायरल वीडियो के बाद भी संज्ञान नहीं लिया। बता दें, गांधी आश्रम में जमीन की डीड को लेकर विवाद भी चल रहा हैं, तब से गांधी आश्रम विवादों में बना हुआ हैं। इसकी एक प्राचीन बिल्डिंग भी कुछ लोगों ने जमीन कब्जाने के लिए तोड़ दी थी।

