Sunday, February 22, 2026
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अधिवक्ताओं में उबाल, जलाया पुतला

  • पुलिसकर्मियों को भेजा कचहरी से बाहर, दिनभर सूनी रही कचहरी
  • न्यायिक कामकाज ठप, पसरा सन्नाटा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को हड़ताल के दूसरे दिन अधिवक्ता सुबह से ही नाराज दिखे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इसके बाद मुख्य सचिव और डीजीपी का पुतला कचहरी परिसर में जलाया गया। पुतला जलाने के बाद भी अधिवक्ताओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे जले हुए पुतलों को पीटते रहे। इसके बाद सभी अधिवक्ता एकजुट होकर बार एसोसिएशन मीटिंग हाल में चले गए। इससे पहले अधिवक्ता एकत्र होकर कचहरी परिसर में अदालतों का कामकाज बंद कराया।

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मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंवरपाल शर्मा व महामंत्री विनोद कुमार चौधरी और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवदत्त जोशी व महामंत्री विमल कुमार के नेतृत्व में अधिवक्ता मुख्य सचिव और डीजीपी का पुतला लेकर कचहरी परिसर में घूमे और फिर उसे जलाया गया। अधिवक्ताओं ने विरोध के चलते अदालतें भी बंद करा दीं। उनका कहना है कि हापुड़ में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अधिवक्तों पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किए जाने के विरोध में प्रदेश के अधिवक्ताओं में आक्रोश है। लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर बार काउंसिल आॅफ यूपी ने 6 सितंबर तक हड़ताल की घोषणा की थी।

सोमवार को अधिवक्तों ने जिलाधिकारी के सामने नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी कर ज्ञापन दिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि लाठी चार्ज करने वाले हापुड़ के डीएम व एसपी का ट्रांसफर और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। अधिवक्ता पर फर्जी मुकदमों को स्पंज कर, घायल अधिवक्ताओं को उचित मुआवजा दिलाने और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू कराए जाने की मांग को तत्काल मंजूरी दी जाए। वहीं, सरधना में मंगलवार को सरधना व प्रगति बार एसोसिएशन के अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्रित हुए। इस दौरान वकीलों ने कहा कि हापुड़ में हुई घटना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पुलिसकर्मी निलंबित हों और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। वकीलों पर दर्ज मुकदमें वापस होने चाहिए।

सरकार तत्काल अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करे। कार्रवाई नहीं होने पर वकीलों ने मुख्य सचिव व डीजीपी का पुतला फूंका। साथ ही जमकर नारेबाजी की। वकीलों ने कहा की जब तक कार्रवाई नहीं होती है और उनकी मांग नही ंमानी जाती है, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान सरधना बार के अध्यक्ष मलखान सैनी, प्रगति बार के अध्यक्ष प्रमोद सैनी, सचिव जियाउर्रहमान, प्रताप सिंह, कुलदीप त्यागी, संजीव पंवार, नितिन चांदना आदि मौजूद रहे। उधर, मवाना तहसील में बार एसोसिएशन द्वारा हापुड़ की घटना को लेकर पैन डाउन कर धरना दिया गया। अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम अखिलेश यादव को सौंपा गया।

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अधिवक्ताओं ने मांग रखते हुए कहा कि हापुड़ बार एसोसिएशन हापुड़ की सदस्य प्रियंका त्यागी एडवोकेट व उनके पति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे तत्काल निरस्त करें। हापुड़ क्षेत्र के डीएम, एसएसपी कोतवाल व दोषी पुलिस कर्मियों को निमित्त कर उनके विरुद्ध अपराध पंजीकृत कर कार्रवाई की जाए। दोपहर एक बजे धरना स्थल पर बार एसोसिएशन मवाना द्वारा पेन डाउन धरना देकर पूर्ण रूप से हड़ताल पर रहे हैं। ज्ञापन देने में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीबल्लभ एडवोकेट, सचिन महिपाल सिंह एडवोकेट, उपाध्यक्ष योगेंद्र पाल शर्मा, संयुक्त सचिव रघुकुल तिलक, रूपचंद शर्मा, राजकुमार व शाहनवाज खान आदि मौजूद रहे।

8 सितंबर को बार काउंसिल की बैठक में होगा फैसला

बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ के हवाले से कहा गया है कि आगामी आठ सितंबर को अपरान्ह दो बजे वर्चुअल बैठक प्रयागराज में होगी। इस बैठक में आगामी रणनीति पर फैसला होगा।

उत्तराखंड बार का भी समर्थन

हापुड़ के लाठीचार्ज कांड़ के विरोध में वकीलों के आंदोलन को खत्म कराने के प्रयासों को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। केवल झटका ही नहीं लगा है बल्कि उत्तराखंड बार काउंसिल ने यूपी के हड़ताली वकीलों के समर्थन का भी एलान कर दिया है। राज्य विधिज्ञ परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शिव किशोर गौड ने मंगलवार 5 सितंबर को प्रदेश भर के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व महामंत्री को प्रेषित में अवगत कराया है कि बार काउंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश के सदस्यों को वर्चुअल बैठक के माध्यम से जोड़ा गया, विचारणीय विषय था कि उच्च न्यायालय ने विगत 4 सितंबर को एक आदेश पारित किया उस पर बार काउंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश द्वारा वर्चुअल बैठक 3 सितंबर में जो, हड़ताल का आह्वान किया गया है।

कचहरी में हंगामा, मगर पुलिस चौकी पर ताला

हापुड़ लाठीचार्ज कांड व मुकदमों के विरोध में मंगलवार को जब मेरठ कहचरी परिसर में वकील प्रदर्शन कर रहे थे तो उसी दौरान कुछ वकील पुलिस प्रशासन का पुतला दहन करने को कचहरी परिसर स्थित पुलिस चौकी के सामने से जुलूस की शक्ल में गजर रहे थे। उस दौरान पुलिस चौकी पर ताला झूल रहा था।

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वहां पुलिस के नाम पर कोई दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा था। पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलनकारी वकील जमकर नारेबाजी कर रहे थे। आंदोलनकारी वकीलों का तंज कसा कि प्रदर्शनकारियों को देखकर पुलिस वाले चौकी पर ताला जड़कर गायब हो गए हैं।

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