- जिले में पूर्ति अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा राशन की कालाबाजारी का बड़ा खेल
- कोटेदारों के यहां पहुंचने से पहले ही खाली हो जाता है राशन से भरा ट्रक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकार देश में गरीबों को निशुल्क राशन उपलब्ध करा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि देश में कोई भी गरीब भूखे पेट न सोए, लेकिन जिले के पूर्ति विभाग के अफसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा में रोड़ा अटकाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं। जिले में पूर्ति विभाग के आला अफसरों के आशीर्वाद से गरीबों को मिलने वाले राशन में बड़ा घोटाला किया जा रहा है।
अधिकांश रूप से कोटेदारों के यहां पहुंचने से पहले ही राशन से भरे ट्रक की कालाबाजारी कराते हुए उसे अवैध रूप से बिक्री कर दिया जाता है। मजे की बात तो ये है कि इस बड़े राशन घोटाले को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिसके चलते गरीबों के मुंह का निवाला पूर्ति विभाग के अफसरों की भूख मिटा रहा है।
बता दें कि देश में केन्द्र की सरकार द्वारा राष्टÑीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीबों को मुफ्त राशन बांटा जा रहा है, लेकिन जिले के पूर्ति विभाग के अफसर शायद नहीं चाहते कि गरीबों को उनके हक का निवाला समय पर मिल जाए। गरीबों को राशन मिले न मिले इस बात से पूर्ति विभाग के अफसरों को कोई सरोकार नहीं। बस राशन की कालाबाजारी करा कर अफसर अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं।
वहीं, इस संबंध में जिलापूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह का कहना है कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, कोटेदार के यहां जहां तक रास्ता है वहां तक पूर्ति विभाग द्वारा राशन पहुंचाने का नियम है। मुख्य मार्ग पर राशन से भरे ट्रक को खाली कराने की बाबत जांच कराने के बाद कु छ कहा जा सकता है।
इस तरह दिया जा रहा राशन की कालाबाजारी को अंजाम
जिले में पूर्ति विभाग के भ्रष्ट अफसरों की शह पर राशन की कालाबाजारी को अंजाम दिया जा रहा है। अधिकांश रूप से कोटेदार के यहां पहुंचने से पहले ही राशन से भरे ट्रक को अवैध रुप से कालाबाजारी करते हुए राशन माफियाओं को बिक्री कर खाली करा दिया जाता है। कोटेदारों के लिए दोबारा राशन का ट्रक भरकर आता है। इसी क्रम में बुधवार को मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग पर कैथवाड़ी बिजली घर और लाहौरगढ़ पुलिया के मध्य ओम डेयरी पर एक राशन से भरे ट्रक को अवैध रूप से कालाबाजारी करते हुए पूर्ति विभाग के अफसरों ने खाली करा दिया।

जिसमें ट्रक के ड्राइवर और कुछ कोटेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद भी क्षेत्रीय मार्केटिंग इंस्पेक्टर और जिलापूर्ति अधिकारी द्वारा इस बाबत न तो मामले की जांच करने के लिए मौके पर किसी अधिकारी को भेजा गया और न ही कोई उचित कार्रवाई गई। केवल जांच कराने का नाम लेकर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते नजर आए।
आखिर कौन रोकेगा राशन की कालाबाजारी?
जिले में राशन की घटतौली, कोटेदारों से अवैध वसूली और गरीबों को समय पर राशन न मिलने जैसी तमाम बातों पर कार्रवाई करने की बजाय पूर्ति विभाग के भ्रष्ट अधिकारी राशन की कालाबाजारी करा रहे हैं। जो जिम्मेदार हैं उनके मुंह भी गरीबों के निवाले का स्वाद लगा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल ये बनता है कि आखिर राशन की कालाबाजारी को जिले में कौन रोकेगा।
जिला कृषि अधिकारी ने किया उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण
जिला कृषि अधिकारी ने बुधवार को मेरठ-बड़ौत रोड स्थित उर्वरक डीलरों की दुकान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक डीलर अपनी दुकान को बंद कर भाग खड़े हुए। उधर, निरीक्षण में खामियां मिलने पर पूठ खास स्थित एक उर्वरक डीलर का लाइसेंस निलंबित किया गया है। उसके यहां से उर्वरक के संदिग्ध नमूने भी लिए गए। इस दौरान मेरठ-बड़ौत रोड स्थित उर्वरक दुकानों के डीलरों में हड़कंप मचा रहा।
मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग स्थित अधिकांश उर्वरक डीलर खाद-डाई की बिक्री भारी अनियमितताएं बरत रहे हैं। इस बाबत कृषि विभाग को किसानों द्वारा मामले से अवगत कराया गया था। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह द्वारा मेरठ-बड़ौत मुख्य मार्ग स्थित ग्रामीण क्षेत्र पूठखास व कस्बा खिवाई स्थित उर्वरक की दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें बालाजी खाद भंडार पूठखास पर 800 बैग यूरिया का अंतर पाए जाने पर उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस बाबत थोक विक्रेताओं को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए कि बालाजी खाद भंडार को कोई भी उर्वरक ना दिया जाए। इस दुकान से संदिग्ध उर्वरक का एक नमूना भी लिया गया। इसके अलावा निरीक्षण के दौरान कस्बा खिवाई में विधि एंटरप्राइजेज नामक दुकानदार अपनी दुकान बंद करके भाग खड़ा हुआ, उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं, कस्बा खिवाई में राजन पेस्टीसाइड के यहां से भी एक संदिग्ध उर्वरक का नमूना लिया गया है। इस दौरान मेरठ-बड़ौत स्थित कई उर्वरक डीलर अपनी दुकान बंद कर भाग खडेÞ हुए। पूरा दिन उर्वरक डीलरों में अफरा-तफरी मची रही।

