जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, एमएसपी पर गारंटी, लखीमपुर खीरी हादसे पर सख्त कार्रवाई करने, किसान मोर्चों के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को सरकारी नौकरी व मुआवजा राशि देने की मांग पर अड़े हैं। उन्हें दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा में सुरक्षा के काफी कड़े इंतजाम हैं।
किसानों के मार्च पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि किसानों की कुछ मांगों पर हमें राज्यों के साथ चर्चा करने की जरूरत है… हमें चर्चा के लिए एक मंच तैयार करने और समाधान खोजने की जरूरत है। भारत सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए बाध्य है…जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसान संघ को यह समझने की जरूरत है।
केंद्र सरकार से कोई ठोस जवाब न मिलने के रोष स्वरूप किसान मजदूर मोर्चा अमृतसर के अध्यक्ष सरवण सिंह पंधेर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों को लेकर दिल्ली की ओर सरहिंद राजपुरा मार्ग से रवाना हो गए हैं।
किसानों के आंदोलन के करण रोडवेज सेवा भी प्रभावित हुई है। दिल्ली जाने वाली बसें हिसार से वापस लौट रही हैं। पंजाब, राजस्थान की बसें पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीण एरिया की बसें प्रभावित हैं। प्रशासन का दावा है कि दिल्ली, चंडीगढ़ की बसें चल रही हैं लेकिन चालकों ने बताया कि बसें बीच रास्ते ही वापस आ रही हैं।

