Saturday, February 21, 2026
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भाकियू कृषि कानूनों के विरोध में आठ को करेगी चक्का जाम

  • चक्का जाम करने के लिए बनायी रणनीति, किसानों से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान
  • जब तक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक जारी रहेगा आंदोलन, केन्द्र सरकार कर रही किसानों के साथ धोखा

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: आठ दिसंबर बंद के ऐलान के बाद भाकियू भी मैदान में उतर आयी है और जनपदभर में चक्का जाम करने का ऐलान कर दिया है। भाकियू ने चक्का जाम करने के लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है और सभी किसानों व कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन सफल बनाने की अपील की। जिलाध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार ने किसानों को धोखा दिया है और उनको बिना विश्वास में लिए ही कृषि अध्यादेश पास कर दिया, जो पूरी तरह से गलत है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक वह शांत नहीं बैठने वाले है और वह आरपार की लडाई लडने के लिए तैयार है।

प्रेसवार्ता करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि भाजपा को केन्द्र व प्रदेश में किसानों ने ही बैठाया है और आज यहीं सरकार किसानों का उत्पीड़न कर रही है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। यदि किसान भाजपा को सत्ता में बैठा सकते है तो फिर उतारने में भी देर नहीं लगाएंगे, क्योंकि किसानों के सहारे ही सरकार चलती है। केन्द्र सरकार ने किसानों को विश्वास में लिए बिना ही कृषि अध्यादेश पास कर दिया।

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यदि उन्हें यह अध्यादेश पास करना था तो पहले किसानों के साथ चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा तक नहीं किया। यह सरकार किसानों को धोखा दे रही है। सरकार सिर्फ सरकारी कर्मचारियों को बोनस व व्यापारियों को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है, लेकिन किसानों के बारे में सोच तक नहीं रही।

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एक तरफ तो सरकार कहती है कि किसानों ने लॉकडाउन में देश की अर्थव्यवस्था को डाउन नहीं होने दिया और अब उनका उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि वह आठ दिसंबर को जनपदभर में चक्का जाम करेंगे और यह चक्का जाम सुबह दस बजे से शुरू हो जाएगा। यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती तो वह आरपार की लडाई लडने से पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर हिम्मत सिंह, सतीश प्रधान, इंद्रपाल सिंह, अन्नू, प्रेमकिशोर, मदन, वरूण भारद्वाज, सौरभ, आशीष चंदमोली आदि मौजूद रहे।

यहां करेगी भाकियू चक्का जाम

भाकियू हरियाणा-सोनीपत मार्ग पर स्थित निवाडा पुल, दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर खेकड़ा पाठशाला, खेडकी, कासिमपुर खेडी, बागपत-मेरठ मार्ग पर मीतली गांव, बड़ौत, बिनौली, दोघट आदि स्थानों पर कार्यकर्ता जाम लगाएंगे।

ब्राह्मण, गुर्जर, जाट व क्षत्रिय महासभा ने दिया समर्थन

भाकियू के चक्का जाम को विभिन्न समाज के लोग भी समर्थन में उतर आए है। अखिल भारतवर्षीय ब्राहमण महासभा के प्रधान योगेश शर्मा ने बैठक कर चक्का जाम को अपना समर्थन दिया है। कहा कि वह किसानों के साथ खड़े है और किसानों का उत्पीड़न करने वालों को मुंह तोड जवाब दिया जाएगा। इस दौरान योगेश शर्मा, राममेहर शर्मा, सौरभ शर्मा, अतुल शर्मा, प्रतीक शर्मा, नितिन शर्मा, वेदप्रकाश र्श्मा, विरेन्द्र र्श्मा, रमेश शर्मा, राममोहन भारद्वाज, आशीष शर्मा, श्रीकिशोर शर्मा, धर्मवीर, सुनील शर्मा, अमित शर्म आदि। वहीं जाट महासभा ने पूर्व में समर्थन दिया है और गुर्जर महासभा, क्षत्रिय महासभा ने भी अपना समर्थन देकर किसानों के साथ उतरने का ऐलान किया है।

बागपत के व्यापारी नहीं करेंगे समर्थन

उत्तर प्रदेश व्यापार संघ के महामंत्री संजय रूहेला ने कहा कि वह आठ दिसंबर को होने वाले चक्का जाम में अपना समर्थन नहीं देंगे, क्योंकि इससे आम जनता को भी काफी दिक्कत होगी। इस समय शादी का सीजन भी चल रहा है। इसलिए अभी चक्का जाम करने का निर्णय गलत है।

जाट महासभा ने दिया किसान आंदोलन को समर्थन

अखिल उत्तर प्रदेश जाट महासभा की प्रदेश अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी नेता डॉ शालिनी राकेश ने दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर पहुंचकर किसान आंदोलन को समर्थन दिया। कहा कि किसान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अहिंसा की राह पर चलते रहिए। गांधी जी की अहिंसा के सामने तो अंग्रेज भी नहीं ठहर पाए थे। साथ ही सरकार को चेतावनी दी की किसान विरोधी कृषि कानून वापस किए जाने चाहिए नहीं तो किसान देशव्यापी आंदोलन पर मजबूर होंगे।

ये कानून पूंजीपतियों के इशारे पर बनाए गए हैं। इनसे किसानों का नुकसान और पूंजीपतियों को फायदा होगा। इन कानूनों से 20 रुपए किलो का आटा 150 रुपए हो जाएगा। जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा और महंगाई जबरदस्त रूप से बढ़ेगी। किसान मजदूर, गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को जीना दुश्वार हो जाएगा। उसके बाद उन्होंने दवाइयां और मास्क भी बांटकर कॉरोना से सावधान रहने की हिदायत भी दी।

सपाईयों ने दिल्ली में पहुंचा दिया समर्थन

सपा के पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डा. कुलदीप उज्जवल के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली में किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंचे और कहा कि वह किसानों के साथ है और जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक वह पीछे नहीं हटने वाले है। वहां पहुंचकर उन्होंने किसानों को खाना भी खिलाया। इस मौके पर डा. शकील अहमद, डा. मोहम्मद आलीम, वसीम खोखर, रब्बान, बबबू सिद्दकी आदि मौजूद रहे।

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