Sunday, February 22, 2026
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बेरोकटोक घूमिए, ट्रैफिक पुलिस बेखबर

  • जुगाड़ और ई-रिक्शा ने बिगाड़ी शहर की यातायात व्यवस्था
  • हजारों जुगाड़नुमा से ढोया जा रहा माल
  • जुगाड़ और अवैध ई-रिक्शा पर नहीं हो रही कार्रवाई

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पुरानी बाइक व स्कूटर काटकर बनाए गए जुगाड़ वाहन जिले की सड़कों पर बेधड़क दौड़ रहे हैं। ये जुगाड़ वाहन न केवल जिले की आबोहवा को जहरीली कर रहे हैं, बल्कि जाम व दुर्घटनाओं का सबब भी बन रहे हैं। हैरत की बात ये है कि पुलिस या फिर आरटीओ ने इनके खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई भी नहीं की है। जुगाड़ वाहन सड़कों पर कुकुरमुत्तों की तरह नजर आते थे।

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अब इसकी जगह पुराने स्कूटर व बाइक काटकर बनाए गए जुगाड़ों ने ले ली है। इनका खुलेआम व्यवसायिक प्रयोग किया जा रहा है। धुएं के रूप में जहरीली हवा फेंकते ये वाहन जिले की हर सड़क पर नजर आ रहे हैं। कई बार तो शहर की तंग सड़कों पर इनसे जाम भी लग जाता है। जाम में फंसे लोग इन वाहनों के धुएं से बेहद परेशान हो जाते हैं।

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क्रांतिधरा में हजारों जुगाड़ से माल ढोया जा रहा है। इसके अलावा हजारों ई-रिक्शा सड़कों पर अवैध रूप से दौड़ने से महानगर की यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। इन पर न तो परिवहन विभाग कार्रवाई कर रहा, न ही पुलिस। महानगर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ने की एक वजह सड़कों पर जुगाड़ और अवैध ई-रिक्शाओं की भरमार होना भी है। तीन पहियों के ठेलिएं में बाइक व स्कूटर के इंजन लगाकर उनमें कई-कई कुंतल माल हो जाता है।

इनका पहिया गड्ढों में आने पर यह पलट जाते हैं जिसे वहां जाम लग जाता है। अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ने वाले इन जुगाड़ में लोहे की रॉड, सीमेंट आदि सामान ढोया जाता है। इसके अलावा सड़कों पर अवैध ई-रिक्शा की भरमार हो रही है। जिसे यहां जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। इनकी रोकथाम के लिए कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को जाम में फंसने पर भुगतना पड़ता है। सड़कों पर मौत बनकर घूम रहे जुगाड़ वाहन जान के लिए खतरा बने हैं।

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इनकी संख्या में बड़ी वृद्धि होती जा रही है। जुगाड़ चलाने पर रोक के बावजूद इसके पुलिस से मिलकर जुगाड़ संचालकों ने ऐसा ‘जुगाड़’ लगाया है कि क्रांतिधरा में ये वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं। सिस्टम मौन नजर आ है। चालक बेखौफ जुगाड़ चला रहे है। गंभीर बात यह है कि लगातार शिकायत व घटनाओं के बाद भी इन जुगाड़ वाहनों को रोकने का प्रयास पुलिस व परिवहन विभाग नहीं कर रहा है। जिससे जुगाड़ संचालकों के हौसले बुलंद है।

अच्छा प्लान तैयार करने की है जरूरत

आईपीएस अजय मोहन शर्मा का कहना है कि नगर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए अच्छा प्लान तैयार करने की जरूरत है। सड़कों से अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए। ई-रिक्शाओं की संख्या और उनके रूट निर्धारित किए जाएं। जुगाड़ का संचालन बंद होना चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए तभी शहर को जान से निजात नहीं पाई पाएगी।

ई-रिक्शाओं के लिए बने अलग से लेन

एमडीए के पूर्व चीफ टाउन प्लैनर यशपाल सिंह का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा के लिए सड़क पर अलग लेन बनानी चाहिए। वंडर जोन बनाए जाएं, जिनमें ठेलों को खड़ा किया जाए। ट्रैफिक डाइवर्ट को नए रास्ते बनाए जाएं। रिक्शों को खड़े होने के लिए स्टैंड भी बनाए जाएं। नालों को ढककर पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए, तभी शहर को जाम से मुक्ति मिल सकेगी।

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शहर में सड़कों से हटाया जाए अतिक्रमण

आर्किटेक्ट अंकित भारद्वाज का कहना है कि शहर में जाम की समस्या दूर करने के लिए ई-रिक्शाओं की संख्या कम की जानी चाहिए। सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए।

  • नहीं बन पाई व्यवस्था

नगर में अतिक्रमण हटाया जाना जरूरी है। इसके अलावा पार्किंग की भी जरूरी है। इसमें नगर निगम के अधिकारियों को सुझाव दिए गए हैं। उनसे ई-रिक्शा स्टैंड बनवाने का आग्रह किया गया, लेकिन यह व्यवस्था नहीं हो पाई। -राघवेंद्र मिश्रा, एसपी ट्रैफिक, मेरठ

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