Thursday, March 26, 2026
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एनएच-58 पर जाम से मिलेगी मुक्ति

  • दून हाइवे का चौड़ीकरण से पहले सर्वे शुरू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एनएच-58 के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका सर्वे कराने की बात कही हैं। जिस तरह से खड़ौली और उसके आसपास हाइवे पर जाम लग रहा है, लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इसका चौड़ीकारण संभव है या फिर एलिविटिड रोड बनेगा। इसको लेकर भी केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने सर्वे कराया है। क्योंकि कुछ इलाका ऐसा है, जहां चौडीकरण संभव नहीं है। ऐसा ही खड़ौली में मस्जिद और दुकान और मकान चौड़ीकारण के बीच बड़ी बाधा बन सकते हैं।

इस यह बता को केन्द्रीय मंत्री भूतल परिवहन मंत्री भी जानते हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने भी यह फीडबैक दी है कि परतापुर से लेकर सिवाय टोल तक एलिवेटेड रोड बनाई जाए। इस बात को खुद केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री भी पिछले दिनों कह चुके हैं कि मेरठ के हाइवे पर जाम लगने लगा है। यह बात भूतल परिवहन मंत्री ने तब कही थी जब उनसे भाजपा के स्थानीय नेता सड़कों के निर्माण की मांग को लेकर मिलने के लिए गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें मालूम है कि हाइवे पर जाम लग रहा है।

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चौड़ीकरण सिक्स लाइन हो सकती है या फिर एलिवेटेड रोड ही इसका एकमात्र रास्ता है। इन तमाम दिक्कतों को देखते हुए ही केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जाम से मुक्ति के लिए सर्वे कराया है। सर्वे की जो भी रिपोर्ट होगी, उसके आधार पर ही केंद्रीय मंत्री चौड़ीकरण या फिर एलिवेटेड रोड का निर्माण करेंगे। बता दे कि हर रोज हाईवे पर खड़ौली के सामने जाम से लोगों का जीना मुहाल हो गया हैं। पूरे हाइवे पर कहीं भी जाम नहीं लगता, लेकिन जैसे ही आप खड़ौली के पास एंट्री करेंगे,

तभी जाम से जूझने लगते हैं। वहां धीरे-धीरे वाहन रेंगने लगते हैं। कई किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। इस वास्तविकता को केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री भी जानते हैं और अब इसके बाद ही सर्वे करा रहे हैं। लगता है अब इसका चौड़ीकरण या फिर एलिविटिड रोड बन सकेगा। तब जाम से मुक्ति जनता को मिल सकेगी।

मेडा बोर्ड उखाड़ने पर धरना, एसीएम को ज्ञापन

भू-माफियाओं ने सेंट्रल बैंक कॉलोनी के रास्ते पर लगा मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड की पुताई कर दी। इस जमीन को लेकर कुछ भू-माफियाओं की निगाहें लगी हुई हैं। इस जमीन पर पहले भी कब्जे की कोशिश की गई थी। बड़ा सवाल ये है कि आखिर मेडा के बोर्ड की पुताई किसने की? इसमें जब सेंट्रल बैंक की प्रॉपर्टी है तो उसे खुर्द-बुर्द क्यों किया जा रहा हैं। उधर, इस मामले को लेकर शुक्रवार को आजाद अधिकार सेना के लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल भी एसीएम सिविल लाइन से मिले तथा उन्हें ज्ञापन भी दिया तथा इस जमीन को बेचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह की अगुवाई में लोगों ने प्राधिकरण के परिसर में धरना भी दिया। एसीएम को दिये ज्ञापन में बताया गया कि इस बोर्ड में खसरा संख्या 555 ग्राम नंगला ताशी कासमपुर के प्राधिकरण की जमीन होने की बात लिखी थी, लेकिन कुछ महीने पहले भूमाफियाओं ने उक्त बोर्ड को पेंट कर चेतावनी मिटा दी और सरकारी जमीन को बेचने का काम शुरू कर दिया है, जो एक गंभीर अपराध है। पूर्व में देवेंद्र सिंह ने प्राधिकरण के सचिव चंद्रपाल तिवारी से मुलाकात कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर सचिव ने तत्काल मौके पर बोर्ड लगाए जाने और बोर्ड पेंट करने वालों पर एफआईआर के आदेश दिए थे। इसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर आजाद अधिकार सेना द्वारा आज यह धरना दिया गया।

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