Saturday, April 25, 2026
- Advertisement -

संक्रमण की रफ्तार में कमी से उत्साहित चिकित्सक

  • शहर में तेजी से पैर पसार रहा विंटर डायरिया है जानलेवा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोविड-19 संक्रमण की रफ्तार में कुछ कमी से स्वास्थ्य विभाग उत्साहित है। अधिकारियों का कहना है कि आने दिनों में बेहतर नतीजों की उम्मीद रखें। हालांकि अभी भी पूरी तरह से सावधानी बरतने की ताकिद की गयी है। लोगों से मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है।

सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि दो दिन में किसी मरीज की मौत न होना तथा संक्रमण की रफ्तार में कमी अच्छा संकेत है। मेरठ ही नहीं बल्कि देश भर में खासतौर से पड़ोसी राज्य दिल्ली में संक्रमण की रफ्तार में काफी कमी आयी है। कोविड-19 के दिसंबर व जनवरी माह में विस्तार को लेकर पूर्व में तमाम प्रकार की आशंकाएं जतायी जा रही थीं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की दिन रात की मेहनत के चलते इसकी रफ्तार पर काबू किया गया है।

वहीं, प्राइवेट चिकित्सक बताते हैं कि कोविड-19 की रफ्तार में कमी अच्छी बात है, लेकिन इसको लेकर तनिक सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। आईएमए के एडवांस मेडिकल साइंस के चेयरमैन डा. संदीप जैन का कहना है कि इम्युनिटी यदि स्ट्रांग है तो कोविड-19 संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके यदि संक्रमण की रफ्तार में कुछ कमी भी है तो भी आमजन को अपनी इम्युनिटी पर खास ध्यान देना चाहिए। मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने के अलावा बाहरी खाने आदि से परहेज बरतना चाहिए।

मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार कहते हैं कि मेडिकल में संक्रमितों का रिकवरी रेट तेजी से बढ़ा है। पिछले दो दिनों के दौरान डेथ रेट भी शून्य पर आ गया है। यह सब पूरे मेडिकल स्टाफ के ज्वाइंट प्रयासों की बदौलत संभव हो सका है। आने वाले दिनों में उन्होंने और भी बेहतर परिणाम देने का भरोसा दिया है। वहीं, दूसरी ओर शहर में विंटर डायरिया के मरीज तेजी से पांव पसार रहे हैं।

नर्सिंग होम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन ने बताया कि तमाम क्लीनिक व नर्सिंग होम में इस बीमारी के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। इसमें शरीर में पानी की कमी तेजी से होने लगती है। ये नए प्रकार का संक्रमण नहीं है। पहले से रहता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। बाहरी खाना पीना परहेज करना चाहिए। बच्चों के लिए विंटर डायरिया घातक है।

ये कहना है सीएमओ का
सीएमओ डा. अखिलेश मोहन का कहना है कि बीते दो दिन में एक भी मौत नहीं हुई है। दिन रात की मेहनत के बाद ही संक्रमण की रफ्तार पर कुछ कमी आने से उत्साहित हैं, लेकिन सावधान रहने की जरूरत है।

ये कहना है मेडिकल प्राचार्य का
मेडिकल प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार का कहना है कि कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किसी भी संक्रमित की दो दिन के दौरान मौत नहीं हुई है। यह सामुहिक कोशिशों से संभव हो सका है। हमारे लिए प्रत्येक मरीज महत्वपूर्ण है।

ये कहना है डा. संदीप जैन का
आईएमए एडवांस मेडिकल साइंस के चेयरमैन डा. संदीप जैन का कहना है कि यदि सावधानी बरती जाए। लोग इन्फेक्शन प्रिवंशन से सचेत रहते हुए इम्युनिटी बूस्ट करते रहे तो कोविड-19 संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। धीरे-धीरे ही सही लोगों में पहले से ज्यादा जागरूकता है।

ये कहना है डा. शिशिर जैन का
नर्सिंग होम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डा. शिशिर जैन का कहना है कि कोविड-19 धीरे धीरे कंट्रोल होता नजर आ रहा है, लेकिन विंटर डायरिया के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। ये बीमारी घातक है। शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इसमें सावधान रहने की बहुत जरूरत है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

कैसे बनाए जाते हैं शीतल पेय

आनंद कु. अनंत ग्रीष्म के आगमन के साथ ही बाजार...

महिला आरक्षण की मृगतृष्णा की उलझन

भारतीय राजनीति के रंगमंच पर इन दिनों एक नया...

केंद्र के साए में बंगाल के चुनाव

1952 से ही भारत में एक सुगठित चुनाव प्रणाली...

विदेश भेजने के नाम पर ठगी

कई युवाओं की विदेश में नौकरी की चाहत होती...
spot_imgspot_img