- देहात के थानों में पुलिस जितने भी लाइसेंस धारक है उनको भी लगातार फोन कर डरा धमका कर शस्त्र जमा कराने पर तुली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हाईकोर्ट की मनाही के बाद भी जनपद के देहात क्षेत्रों में पुलिस लाइसेंस धारियों पर शस्त्र जमा कराने को दबाव डाल रही है। इसको लेकर तमाम शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन इसके बाद भी देहात के तमाम थानों में पुलिस जितने भी लाइसेंस धारक है। उनको लगातार फोन कर डरा धमका कर शस्त्र जमा कराने पर तुली हुई है।
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यदि पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस थाने में जमा कराने को कहा है तो घबराने की जरूरत नहीं हैं। आप चाहें तो चुनाव के दौरान भी अपना शस्त्र लाइसेंस अपने पास रख सकते हैं। पुलिस वाले आपको तंग नहीं करेंगे। क्योंकि हाईकोर्ट ने बाकायदा इसको लेकर एक आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश एक याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया है।
इन्हें मिल सकती है राहत
वहीं दूसरी ओर चुनाव के दौरान शस्त्र लाइसेंस जमा कराने के मामले में पुलिस प्रशासन ने कुछ कैटेगिरी तय की हैं। इसमें कुछ खास लोग हैं जो चुनाव के दौरान अपने शस्त्र लाइसेंस पास ही रख सकते हैं। उन्हें थाने में जमा कराने जाने की जरूरत नहीं पडेÞगी। हालांकि इसके लिए स्क्रिनिंग कमेटी से उन्हें अनुमति लेनी होगी। वैसे इस सूची में डाक्टर, ज्वेलर्स, बडेÞ कारोबारी, जिन्हें शासन से विशेष परिस्थितियों के चलते हथियार रखते हैं।
क्राइम मीटिंग में निर्देश
वहीं, दूसरी ओर कोर्ट के आदेश के बाद भी शस्त्र लाइसेंसों को लेकर क्राइम मीटिंग ले रहे पुलिस के बडेÞ अफसर भी शस्त्र लाइसेंस जमा कराए जाने पर ही सबसे ज्यादा जोर दे रहे हैं। विगत दिनों थानों के निरीक्षण के दौरान भी सबसे ज्यादा जोर शस्त्र लाइसेंस जमा कराए जाने पर ही दिया था। इसके अलावा उन्होंने मुचलका पाबंद किए जाने पर भी सबसे ज्यादा जोर दिया था।

