- घरों में मंदिर स्थापना व्यस्त जीवन शैली की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नवरात्र प्रारंभ होने वाले हैं, इसके साथ घरो में माता रानी के स्वागत के लिये श्रद्धालु तैयारीयों में जुट चुके हैं। घरों में मंदिर स्थापित करने के लिये सबसे अच्छे दिन चैत्र, माघ, जेष्ठ, सावन और कार्तिक के महीना माना जाता हैं। साथ ही नवरात्र, जन्माष्टमी, रामनवमी, सावन आदि त्योहार भी शुभ माने गए हैं।
इन दिनों श्रद्धालुओं को मार्बल के मंदिर खूब लुभा रहे हैं। इन मंदिरों पर रंगीन पत्थरों, मोतियों और सीप से नक्काशी भी की गयी हैं। इन मंदिरों की खास बात यह है कि इनमें लाल नीले पीले गोल्डन रंग का प्रयोग किया जाता हैं, जो दिखने में ना सिर्फ आकर्षण है, बल्कि इनका रंग बना रहता है। इसके साथ ही इन मंदिरों में पहिये लगाने की सुविधा उपलब्ध हैं। जिससे इनकी जगह को भी बदला जा सकता है।
मार्बल और सीएनसी मंदिर इसलिये भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं, क्योंकि इनकी साफ-सफाई बहुत आसान है। मंदिर में सुबह शाम दीया बती होने के कारण जल्दी ही काले पढ़ जाते हैं। मंदिर को साफ करने के लिये नींबू, सोडा और विनेगर के इस्तेमाल करके लोहे के तार के ब्रश से सफाई की जा सकती हैं।

डिजाइनर मंदिरों की मांग
इन दिनों सीएनसी, लकड़ी और मार्बल के डिजाइनर मंदिर की डिमांड हैं। इनमे जालीदार, फूलों की नक्काशी वाले मंदिर, लकड़ी के डोर वाले मंदिर तथा राम मंदिर मॉडल का क्रेज बरकरार हैं।
जयपुर के मंदिर मचा रहे धूम
माधव मार्बलस के मलिक केशव त्यागी बताते हैं कि ये मंदिर खास राजस्थान के जयपुर से तैयार होकर आते हैं। नवरात्र के सीजन में 15 से 20 मंदिरों की बिक्री हो जाती है। इनकी मेंटेनेंस बहुत ही कम होनें की वजह से लोग इनको पसंद करते हैं। वहीं, अन्नपूर्णा पूजा केंद्र के मालिक अमरनाथ बताते हैं कि उनके यहां किशनगढ़ से तैयार लकड़ी के मंदिर मंगवाए जाते हैं। इनकी कीमत 300 से 2500 तक के करीब हैं।
घरों में मंदिर पर चोटी लगाना वर्जित
घर में मंदिर स्थापित करते हुए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उस पर चोटी न हो। घर के मंदिर में चोटी नहीं लगानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्रानुसार जिन मंदिरों में चोटी बनायी जाती है। उन पर कलश व ध्वजा चढ़ाना अनिवार्य है।

