- लोकसभा चुनाव में आधी आबादी ने निभाई अहम् भूमिका
- गरीबों के लिए मजबूत बिल लाने की उम्मीद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लोकसभा चुनाव 2024 के परिणाम आ चुके हैं। कुछ ही दिनों में नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शपथ लेंगे। जहां एक तरफ कुछ प्रदेशों में भाजपा बहुमत से आयी। वहीं, उत्तर प्रदेश में भाजपा को मनमुताबिक मत नहीं मिले। लोकसभा चुनाव में आधी आबादी ने भी अहम् भूमिका निभाई।
ऐसे में उनका मानना है कि ऐसी सरकार हो जो महिलाओं के उत्थान, शिक्षा, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर कार्य करे। इसी विषय को लेकर जब शहर की महिलाओं से बात की नई सरकार से उनकी क्या अपेक्षाएं हैं? तो उन्होंने अपने अलग-अलग मत हमसे साझा किये।
सरकार से कई अपेक्षा
शहर की प्रतिष्ठित कवित्री कोमल रस्तोगी का कहना है कि उनकी सरकार से कई तरीके की अपेक्षा है। जिसमें समान नागरिक संहिता, जनसंख्या नियंत्रण कानून उनकी प्रमुख मांग है। वीर सावरकर, भागवत गीता एवं रामचरित्र मानस को भी बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए। जिससे उनके नैतिक एवं चारित्रिक मूल्यों का विकास हो।
सरकार निकाले रोजगार के नए अवसर
समाजसेवी कल्पना पांडे ने कहा कि सरकार से चाहूंगी कि वे सबसे पहले महंगाई को कम करें, शिक्षा और चिकित्सा में बढ़ती महंगाई का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। इस पर काम होना चाहिये साथ ही रोजगार के लिए सरकार नये अवसर निकाले।
ज्यादा सुविधा देने से नकारा हो जाता है इंसान
रीना सिंघल कहती है कि ऐसा कानून बनाएं कि जो सुविधाएं सरकार ने दी हुई है। वह केवल उन्हीं के लिए हों। जिनके पास दो या ज्यादा से ज्यादा तीन बच्चे हों। जैसे कि घर की सुविधा, राशन की सुविधा आदि। उनका कहना है कि ज्यादा सुविधा देने से भी इंसान नकारा हो जाता है।
खत्म होना चाहिए आरक्षण
प्रेरणा शर्मा कहती है कि सरकार से अपेक्षा है कि आरक्षण खत्म होना चाहिए, सैन्य बल और अधिक सशक्त हो एवं देश का विकास हो और नई विदेश नीतियां बनें।
कानून हो मजबूत
संध्या बताती है कि वो नई सरकार से चाहती है कि कानून मजबूत हो, भेदभाव न हो तथा किसानों और गरीबों के लिए एक मजबूत बिल तैयार होना चाहिए। साथ ही अब वक्त है कि जब सरकार को आम आदमी के बारे में सोचना चाहिए व कार्य करने चाहिए।
महिलाओं को घरेलू हिंसा से मिले निजात
शीतल गहलोत की सरकार से अपेक्षा है कि महिलाओं को घरेलू हिंसा, आॅनरकिलिंग, यौन उत्पीड़न जैसी विभिन्न समस्याओं से छुटकारा मिले और ऐसे केसों में जल्द न्याय मिले।

