Friday, March 20, 2026
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Jitiya Vrat 2024: नहाय-खाय के साथ इस दिन से शुरू होगा जितिया व्रत, यहां जाने नियम और पारण

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। स्नातन धर्म में त्योहारो की कमी नही हैं और सभी त्योहारो का अपना अपना महत्व होता है। जिनमें से एक जितिया व्रत भी होता है। जितिया व्रत एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। सभी माताएं इस व्रत को अपनी संतान की लंबी उम्र, स्वस्थ और खुशहाल जीवन व समृद्धि के लिए रखती हैं।

जितिया व्रत हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि यह व्रत विधि विधान के साथ रखने से संतान का कल्याण होता है और लंबी आयु और निरोगी जीवन का आशीर्वाद मिलता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से न केवल संतान का कल्याण होता है, बल्कि परिवार में भी सुख-शांति बनी रहती है।

हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 24 सितंबर 2024 की दोपहर 12:38 बजे हो रहा है, और समापन अगले दिन 25 सितंबर की दोपहर 12:10 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, इस वर्ष जितिया व्रत 25 सितंबर यानी बुधवार को रखा जाएगा।

जितिया व्रत 2024 

जितिया व्रत से एक दिन पहले नहाय-खाय की परंपरा है, जो इस साल मंगलवार यानी 24 सितंबर 2024 को है। विभिन्न क्षेत्रों में नहाय-खाय के नियम अलग-अलग तरह के है। इस दिन महिलाएं विशेष व्यंजन तैयार करती हैं और व्रती महिलाएं एक समय सात्विक भोजन करती है।

नहाय खाय में क्या खाएं

  • अरवा चावल का भात
  • पांच से सात प्रकार की सब्जी
  • अरहर की दाल
  • पकोड़ी
  • पापड़

नहाय-खाय विधि और नियम

नहाय खाय के दिन व्रती महिलाएं सुबह भोर में उठकर पवित्र नदी में स्नान करती हैं। जिन महिलाओं के लिए नदी में स्नान करना संभव नहीं होता है, वे घर पर ही पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करती हैं। इसके बाद विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। पूजा के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है। ध्यान रहे कि नहाय खाय के दिन लहसुन-प्याज वाले भोजन का सेवन भूलकर भी न करें।

जितिया व्रत का पारण कब है

25 सितंबर को पूरे दिन और रात को व्रत रखने के बाद 26 सितंबर की सुबह जितिया व्रत का पारण किया जाएगा। सूर्योदय के बाद कभी भी व्रत का पारण किया जा सकता है। पारण से पहले व्रती महिलाओं को स्नान आदि के बाद विधि-विधान से जीमूतवाहन देवता की पूजा करनी चाहिए। जितिया व्रत के पारण में नोनी साग, तोरई की सब्जी, रागी की रोटी, अरबी आदि व्यंजन बनाने की परंपरा होती है।

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