नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सनातन धर्म में एकादशी व्रत को विशेष पुण्यदायक माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना और सात्विक जीवन के पालन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन केवल उपवास करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि विचारों, वाणी और कर्म में भी संयम रखना आवश्यक होता है। एकादशी व्रत का उद्देश्य शरीर को तपाकर आत्मा को शुद्ध करना है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, भगवान विष्णु का ध्यान करते हैं और भजन-कीर्तन में समय व्यतीत करते हैं। साथ ही सात्विक आहार, सत्य वचन और सत्कर्मों का विशेष महत्व होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, एकादशी पर कुछ कार्य वर्जित माने गए हैं। चाहे कोई उपवास करे या न करे, इन नियमों का पालन करने से एकादशी का पुण्य प्राप्त होता है।
एकादशी के दिन किन बातों से बचें
- चावल का सेवन न करें
ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से व्रत की ऊर्जा प्रभावित होती है। धार्मिक दृष्टिकोण से चावल में उस दिन ऐसी तरंगें होती हैं जो उपवास के प्रभाव को कम कर सकती हैं।
- मांसाहार और शराब से दूरी रखें
इस दिन मांस, मछली या शराब जैसे तामसिक पदार्थों का सेवन वर्जित है। यह न केवल शरीर को भारी करता है, बल्कि ध्यान और पूजा में एकाग्रता को भी भंग करता है।
- झूठ बोलने और झगड़े से बचें
एकादशी पर मानसिक और वाणी की शुद्धता बहुत जरूरी मानी जाती है। झूठ बोलना, विवाद करना या किसी के साथ कटु व्यवहार व्रत की पवित्रता को नुकसान पहुंचा सकता है।
- क्रोध न करें
गुस्सा मन की शांति छीन लेता है। इस दिन शांत और संयमित रहने की सलाह दी जाती है ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
- तुलसी के पत्ते न तोड़ें
यह भी कहा जाता है कि एकादशी के दिन तुलसी माता स्वयं उपवास करती हैं। इसलिए इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
- दिन में न सोएं
इस दिन दिन में सोना वर्जित माना जाता है। ऐसा करने से व्रत का फल आधा हो जाता है। दिन भर ध्यान, जप और भक्ति में समय बिताना चाहिए।
- साधारण नमक से परहेज करें
अगर आप व्रत कर रहे हैं तो साधारण नमक के बजाय सेंधा नमक का उपयोग करें। इससे उपवास की पवित्रता बनी रहती है।
- काले कपड़े न पहनें
कुछ मान्यताओं के अनुसार काले कपड़े नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए इस दिन उजले या हल्के रंगों के वस्त्र पहनना बेहतर होता है।
- घर को साफ-सुथरा रखें
साफ-सफाई से सकारात्मकता आती है। इस दिन घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और शुद्ध वातावरण में पूजा करें।
- बुरी संगति और आदतों से दूर रहें
इस दिन जुआ, सट्टा या कोई भी गलत गतिविधियों से बचना चाहिए। एकादशी आत्म-संयम और ईश्वर से जुड़ने का दिन होता है, इसलिए मन को शुद्ध और एकाग्र रखना जरूरी है।

