जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तरी भारत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी के मद्देनज़र भारत ने पाकिस्तान को तवी नदी में जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी मानवीय आधार पर दी गई है, ताकि पाकिस्तान के प्रभावित इलाकों में समय रहते सतर्कता बरती जा सके और जनहानि से बचा जा सके।
भारत ने किया अलर्ट जारी
भारत ने नई दिल्ली से सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार अलर्ट जारी करते हुए कहा कि तवी नदी में बाढ़ की “उच्च संभावना” है। यह नदी हिमालय से निकलकर जम्मू क्षेत्र से होकर पाकिस्तान में बहती है और चेनाब नदी से मिलती है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई प्रमुख बांधों के गेट खोलने पड़े हैं, जिससे नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया है।
सिंधु जल संधि के बावजूद अलर्ट भेजा
भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि के तहत जलविज्ञान संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान होता रहा है। हालांकि, 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए पाकिस्तानी आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने नियमित आंकड़े साझा करना बंद कर दिया था। बावजूद इसके, भारत ने पाकिस्तान को यह चेतावनी भेजी है ताकि वहां संभावित बाढ़ से जान-माल का नुकसान न हो।
पंजाब और जम्मू में नदियां उफान पर
भारी बारिश के चलते पंजाब और जम्मू क्षेत्र की नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पंजाब में सतलुज, ब्यास और रावी नदियों के साथ ही छोटे-छोटे नाले भी उफान पर हैं। जम्मू में भी लगातार बारिश के कारण प्रमुख जलाशयों के गेट खोलने पड़े। अधिकारियों का कहना है कि यदि पानी को रोका जाता, तो बड़े हादसों का खतरा था।
भारत का मानवीय रुख
भारत ने साफ किया है कि यह कदम पूरी तरह मानवीय दृष्टिकोण से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। भारत द्वारा पाकिस्तान को समय रहते सूचना देना सीमापार आपदा प्रबंधन सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है।

