जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अगर आप दोपहिया वाहन लेकर पेट्रोल पंप जा रहे हैं और हेलमेट सिर पर नहीं है, तो सावधान हो जाइए। अब पंप से पेट्रोल तभी मिलेगा, जब हेलमेट पहनेंगे। प्रदेश सरकार के आदेश पर परिवहन विभाग ने एक सितंबर से पूरे महीने चलने वाला विशेष चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजकुमार सिंह और यात्रीकर अधिकारी प्रीति पांडेय ने सोमवार को शहर के कई पेट्रोल पंपों पर अचानक चेकिंग की। इस दौरान हेलमेट न पहनने पर 42 चालान काटे गए और दो वाहन सीज कर कर दिए। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने साफ कहा कि सड़क हादसों को 50 फीसदी तक कम करना लक्ष्य है। बिना हेलमेट पेट्रोल भरने की अनुमति नहीं होगी। पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का उल्लंघन न करें, आदेशों पर खरा नहीं उतरे तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
बिना हेलमेट पेट्रोल पर रोक ढीली, अभियान की सफलता पर सवाल
शहर में आरटीओ विभाग की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया, लेकिन पेट्रोल पंपों पर इसका असर देखने को नहीं मिला। जिन पंपों पर आरटीओ अधिकारी मौजूद थे, वहां कर्मचारी सतर्क दिखाई दिए और नियम का पालन कराया गया। वहीं, बाकी पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल लेने वालों को आसानी से पेट्रोल मिलता रहा। इससे साफ है कि अभियान केवल औपचारिकता तक ही सीमित नजर आ रहा है। सवाल उठता है कि सीएम के आदेश पर शुरू की गई इस मुहिम का असर कितना होगा और क्या वास्तव में इससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सकेगी। यदि पंपों पर सख्ती नहीं बरती गई तो यह अभियान सफल होता नहीं दिख रहा।
सड़क सुरक्षा पर ज्यादा फोकस रहेगा: राजकुमार
आरटीओ (प्रवर्तन) राजकुमार सिंह ने जनता से अपील की कि दो पहिया पर सवार दोनों लोगों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। चार पहिया चालकों को सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। नशे में या नींद की हालत में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई होगी। मोबाइल पर बात करते हुए या तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर चालान होगा। उन्होंने बताया कि खाद्य एवं रसद विभाग, पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान को लागू कर रहे हैं। इसका मकसद हेलमेट पहनने की आदत को मजबूरी में बदलना है। इससे सड़क हादसों और मौतों के आंकड़े घटेंगे

