जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: तमिल फिल्म अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पार्टी के अध्यक्ष थलापति विजय की रैली में शुक्रवार देर शाम भयानक भगदड़ मच गई, जिसमें 39 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा करूर-इरोड हाईवे के पास वेलुसामीपुरम में हुआ, जहां विजय की “वेलिचम वेलीयेरु” रैली आयोजित की गई थी।
पुलिस द्वारा 30,000 लोगों की अनुमति दी गई थी, लेकिन 60,000 से अधिक लोग रैली स्थल पर पहुंचे। जैसे ही विजय मंच पर पहुंचे, भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और बैरिकेड्स तोड़ दिए गए।
गर्मी, भीड़ और घंटों इंतजार के कारण कई लोग थक चुके थे, भूखे थे और पानी तक नहीं मिला। जैसे ही भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हुई, भगदड़ मच गई और लोगों का एक-दूसरे पर गिरना शुरू हो गया।
चश्मदीदों की आंखों देखी
एक चश्मदीद नंदा कुमार ने बताया, “हम खुद वहां मौजूद थे। विजय को दोपहर में आना था, लेकिन वे करीब छह घंटे देरी से पहुंचे। इतने लोग थे कि भीड़ संभालना नामुमकिन हो गया था।” दूसरे गवाह सुरिया ने कहा, “एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाई। कई लोग नीचे गिरते गए और उन्हें उठाने वाला कोई नहीं था।”
नमक्कल की शिवशंकरी ने बताया, “मैंने अपनी पड़ोसन को गिरते हुए देखा। हम मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका। एक पिता अपनी बेटी को लाए थे, जो बाद में बेहोश हो गई और उसे नहीं बचाया जा सका।”
विजय ने बीच में रोका भाषण
जैसे ही स्थिति बिगड़ती गई, विजय मंच से खुद पानी की बोतलें फेंकते नजर आए। उन्होंने एक लापता बच्चे की घोषणा की और पुलिस से मदद की अपील की। इसके बाद उन्होंने भाषण बीच में ही छोड़ दिया।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
विजय ने हादसे पर गहरा दुख जताया और कहा कि यह उनके लिए “गहरा व्यक्तिगत नुकसान” है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की मदद का ऐलान किया है।
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नयनार नागेंद्रन ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए उचित मुआवजे की मांग की है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को अस्पताल पहुंचकर मदद करने का निर्देश भी दिया है।
हादसे की मुख्य वजहें?
भीड़ का अनुमान से कई गुना अधिक होना
आयोजन में देरी से लोगों में बेचैनी
पर्याप्त पानी, खाना और छांव की कमी
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम नाकाफी साबित हुए
बता दें कि, यह हादसा एक प्रशासनिक चूक और अत्यधिक उत्साह के घातक मेल का नतीजा है। एक लोकप्रिय अभिनेता की रैली, जहां जनता की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं, वह अफसोसजनक रूप से एक त्रासदी में बदल गई। आने वाले दिनों में इस हादसे की जांच और जवाबदेही की मांग जोर पकड़ सकती है।

