जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के सातारा जिले में महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य आरोपी और निलंबित पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदने को गिरफ्तार कर लिया गया है। सातारा के जिला पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने बताया कि आरोपी बदने ने फलटण ग्रामीण पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया।यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले पुलिस ने सह-आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर को गिरफ्तार किया था।
हथेली पर लिखा था सुसाइड नोट
गुरुवार रात सातारा के एक होटल में 28 वर्षीय महिला डॉक्टर का शव फंदे से लटका मिला। डॉक्टर की हथेली पर लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें उसने आरोप लगाया कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। जबकि प्रशांत बनकर ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया। डॉक्टर बीड जिले की रहने वाली थीं और फलटण के सरकारी अस्पताल में तैनात थीं।
गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई
सुबह पुलिस ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बनकर को गिरफ्तार किया।
इसके कुछ घंटे बाद पुलिस उपनिरीक्षक गोपाल बदने ने आत्मसमर्पण कर दिया।
बदने को पहले ही सेवा से निलंबित कर दिया गया था।
सतारा अदालत ने बनकर को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है।
आत्महत्या से पहले की बातचीत
पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले प्रशांत बनकर को फोन किया था। बनकर उसी मकान मालिक का बेटा है, जिसके घर में डॉक्टर किराए पर रहती थी। दोनों के खिलाफ फलटण थाने में बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
परिवार की मांग
डॉक्टर का अंतिम संस्कार बीड जिले के वडवानी तहसील में शुक्रवार रात किया गया। परिजनों ने कहा कि दोनों आरोपियों ने उनकी बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया और मृत्युदंड की मांग की है।

