Sunday, April 19, 2026
- Advertisement -

Chhath Puja 2025: आज है छठ पूजा का दूसरा दिन खरना, जानें पूजन विधि और शुभ समय

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। छठ पूजा हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में विशेषकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में अत्यंत श्रद्धा, नियम और शुद्धता के साथ मनाया जाता है। यह चार दिनों तक चलने वाला पर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना को समर्पित होता है। पर्व के दूसरे दिन को ‘खरना’ या ‘लोहंडा’ कहा जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद पूजा-अर्चना के साथ प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस वर्ष खरना का पर्व आज रविवार को मनाया जा रहा है। यह दिन व्रत, आत्मसंयम और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। व्रती दिनभर उपवास के बाद गुड़, चावल और दूध से बना विशेष प्रसाद तैयार करते हैं, जिसे भगवान सूर्य और छठी मैया को अर्पित किया जाता है।

महत्व

छठ पूजा का दूसरा दिन अत्यंत पवित्र माना गया है। इस दिन व्रती सुबह स्नान कर व्रत की शुरुआत करते हैं और दिनभर निर्जला उपवास रखते हैं। यह उपवास आत्मसंयम, श्रद्धा और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। मान्यता है कि खरना के दिन व्रती की भक्ति से प्रसन्न होकर सूर्य देव और छठी मैया उनके परिवार को सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं।

शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, वर्ष 2025 में खरना का दिन 26 अक्तूबर को पड़ेगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 29 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर। खरना पूजा और प्रसाद अर्पण शाम 5:41 के बाद कर सकते हैं। इस समय पूजा करने से व्रतियों को सूर्य देव और छठी मैया का अधिकतम आशीर्वाद प्राप्त होता है।

खरना की विधि और रस्में

शाम के समय व्रती स्नान कर पूजा की तैयारी करते हैं। मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़ की खीर और रोटी बनाई जाती है। इस प्रसाद को पीतल या कांसे के बर्तनों में तैयार किया जाता है, ताकि शुद्धता बनी रहे। खीर, गुड़, दूध और चावल से मिलकर बनती है, जो सात्विकता और पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है।

पहले यह प्रसाद छठी मैया और सूर्य देव को अर्पित किया जाता है। इसके बाद व्रती और परिवारजन इस प्रसाद को ग्रहण करते हैं। इस प्रसाद को खाने के बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ करते हैं, जो अगले दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

sadhvi sail: कौन हैं साध्वी सैल? 7 भाषाओं में पारंगत और मिस इंडिया 2026 की विजेता

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Delhi News: आरके आश्रम मार्ग स्टेशन से जुड़ेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क, सफर अब 88 किलोमीटर तक

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार...
spot_imgspot_img