जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के एक साल बाद हुए नगर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर राज्य की राजनीति में अपना दबदबा साबित किया है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में से 25 में भाजपा या भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनना तय हो गया है। सबसे बड़ी जीत मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में दर्ज की गई है, जहां भाजपा का 45 साल पुराना मेयर बनाने का सपना पूरा होने जा रहा है। इसके साथ ही करीब तीन दशक से चला आ रहा ठाकरे परिवार का वर्चस्व समाप्त हो गया है।
बीएमसी में महायुति को बहुमत
227 सदस्यीय बीएमसी में भाजपा नीत महायुति ने बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए 118 सीटें हासिल की हैं। भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि सहयोगी शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। कांग्रेस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी), मनसे और एनसीपी (शरद पवार) के गठबंधन को कुल 72 सीटों से संतोष करना पड़ा। इसमें शिवसेना-यूबीटी को 65, मनसे को 6 और एनसीपी-शरद को सिर्फ एक सीट मिली। एनसीपी (अजीत पवार) को तीन, एआईएमआईएम को आठ और समाजवादी पार्टी को दो सीटें मिली हैं।
ठाकरे भाइयों का साथ भी नहीं दिला सका फायदा
मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के एकजुट होने के बावजूद विपक्ष को कोई खास लाभ नहीं मिला। एआईएमआईएम का प्रदर्शन मनसे से बेहतर रहा, जिसने सियासी समीकरणों को चौंका दिया।
बड़े शहरों में भी भाजपा की मजबूत पकड़
मुंबई के अलावा ठाणे, पुणे और नासिक में भी भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बड़ी बढ़त मिली है। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में भाजपा ने पवार परिवार को करारी शिकस्त दी, जहां चाचा-भतीजे की पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। लातूर, भिवंडी, चंद्रपुर, परभणी, वसई-विरार और मालेगांव को छोड़कर अधिकांश नगर निगमों में भाजपा या गठबंधन की सत्ता बनना तय है।
प्रधानमंत्री मोदी और सीएम फडणवीस का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीत के लिए महाराष्ट्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह परिणाम एनडीए के जनकल्याण और सुशासन के एजेंडे पर जनता के भरोसे को दर्शाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे विकास के एजेंडे और व्यापक हिंदुत्व की जीत बताते हुए कहा कि भाजपा शहरों को बदलने और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया।
कांग्रेस को तीन नगर निगमों में राहत
कांग्रेस को लातूर, चंद्रपुर और भिवंडी-निजामपुर नगर निगमों में सफलता मिली है। लातूर में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भिवंडी-निजामपुर में कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। मालेगांव नगर निगम में इंडियन सेकुलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि एआईएमआईएम दूसरे स्थान पर रही।

