Tuesday, February 17, 2026
- Advertisement -

AI Impact Summit: एआई का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे, पीएम मोदी का वैश्विक मंच से संदेश

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग सभी के हित में कैसे किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय क्षमता ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनकल्याण का माध्यम बनाती है। उन्होंने जोर दिया कि समिट का मकसद एआई को समावेशी और लाभकारी दिशा में आगे बढ़ाना है।

सोमवार से शुरू हुए इस वैश्विक सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों, मंत्रियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य समावेशी विकास, मजबूत सार्वजनिक प्रणालियों और सतत विकास में एआई की भूमिका पर गहन चर्चा करना है। उल्लेखनीय है कि एआई पर इस स्तर का यह पहला बड़ा वैश्विक आयोजन ग्लोबल साउथ में हो रहा है।

20 फरवरी तक चलने वाले इस पांच दिवसीय सम्मेलन में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और 60 मंत्री व उपमंत्री शामिल हैं। इसके अलावा 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता—जिनमें सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं भी भाग ले रहे हैं। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन संबोधन वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और जिम्मेदार व समावेशी एआई के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगा।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण तीन वैश्विक प्रभाव चुनौतियां “एआई फॉर ऑल”, “एआई बाय हर” और “युवआई” हैं। इनका उद्देश्य राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास लक्ष्यों के अनुरूप प्रभावशाली और स्केलेबल एआई समाधान विकसित करना है। इन चुनौतियों के लिए 60 से अधिक देशों से 4,650 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाते हैं। कठोर बहुस्तरीय मूल्यांकन के बाद तीनों श्रेणियों में शीर्ष 70 टीमों को फाइनलिस्ट चुना गया है।

18 फरवरी को हैदराबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद के सहयोग से एआई के व्यापक प्रभावों पर एक महत्वपूर्ण अनुसंधान संगोष्ठी भी आयोजित की जा रही है। यह शिखर सम्मेलन का प्रमुख शैक्षणिक मंच है, जहां एआई-संचालित वैज्ञानिक खोज, सुरक्षा व शासन ढांचे, बुनियादी ढांचे तक समान पहुंच और ग्लोबल साउथ में अनुसंधान सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इस संगोष्ठी में अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका सहित कई देशों से लगभग 250 शोध पत्र प्राप्त हुए हैं।

कार्यक्रम में एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी शामिल हो रहे हैं। यह आयोजन विश्व के प्रमुख एआई विशेषज्ञों और अग्रणी शोध संस्थानों को एक मंच पर लाकर जिम्मेदार और विकासोन्मुखी एआई के लिए वैश्विक सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Delhi News: रील के चक्कर में रफ्तार का कहर, नाबालिग की स्कॉर्पियो से युवक की मौत

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली के द्वारका साउथ थाना...

Saharanpur News: अलग-अलग मुठभेड़ों में घायल दो हिस्ट्रीशीटर गौकश गिरफ्तार

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर...

Solar eclipse: आज लगेगा 2026 का पहला सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा अद्भुत नज़ारा

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here