जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सुंदर पिचाई ने India AI Impact Summit के मंच से भारत को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हर बार भारत आकर उन्हें यहां की तेज रफ्तार प्रगति देखकर आश्चर्य होता है और इस बार भी उनका अनुभव बेहद प्रेरणादायक रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य नेताओं की मौजूदगी में पिचाई ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि चेन्नई से Indian Institute of Technology Kharagpur में पढ़ाई के दौरान वे कोरोमंडल एक्सप्रेस से यात्रा करते थे और रास्ते में विशाखापत्तनम से गुजरते थे, जो उस समय एक शांत तटीय शहर हुआ करता था।
15 अरब डॉलर के निवेश का एलान
पिचाई ने घोषणा की कि Google भारत में 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे के निवेश के तहत विशाखापत्तनम में एक पूर्ण-स्तरीय AI हब स्थापित करेगा। यह हब गीगावाट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता से लैस होगा और यहां एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे भी बनाया जाएगा। इस परियोजना से देश में रोजगार के नए अवसर सृजित होने और अत्याधुनिक AI तकनीक को आम लोगों व व्यवसायों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
किसानों तक पहुंची AI तकनीक
पिचाई ने बताया कि पिछले वर्ष पहली बार भारत सरकार ने AI-आधारित पूर्वानुमान लाखों किसानों तक पहुंचाए। यह संभव हुआ Google DeepMind के न्यूरलजीसीएम मॉडल की मदद से, जिसने मौसम और अन्य आंकड़ों के आधार पर सटीक पूर्वानुमान उपलब्ध कराए।
भाषा समावेशन पर जोर
उन्होंने भाषा समावेशन को भी प्राथमिकता बताया। उदाहरण देते हुए कहा कि घाना में गूगल विश्वविद्यालयों और गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर 20 से अधिक अफ्रीकी भाषाओं में शोध और ओपन-सोर्स टूल विकसित कर रहा है।
पिचाई ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक अवसरों जैसी सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए साहसिक और समावेशी तकनीकी दृष्टिकोण जरूरी है। तकनीक के लाभ तभी सार्थक होंगे जब वे समाज के हर वर्ग तक पहुंचें।

