जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को कश्मीरी पंडितों की सम्मान और सुरक्षा के साथ घर वापसी को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ गद्दारी करने वालों और आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद से जुड़े हर मामले की गंभीरता से जांच करेंगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एलजी यह बयान जम्मू विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह सभागार में प्रो. अशोक कौल की किताब कश्मीर-नेटिविटी रीगेंड के विमोचन समारोह के दौरान दे रहे थे। उन्होंने कहा, “अपनी धरती पर अजनबी बन जाना दुनिया के सबसे बड़े दुखों में से एक है। अपनी जड़ों से उजड़ जाने का दर्द आज भी बेघर हुए परिवारों की रगों में कांटों की तरह चुभता है। समय का मरहम भी कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का गहरा दर्द नहीं भर सका।”
आतंकवाद और हिंसा को लेकर चेतावनी
एलजी ने कहा कि युवा पीढ़ी को यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हजारों निर्दोष कश्मीरी मुसलमानों का भी खून बहाया। उन्होंने बताया कि पिछले साल से उन परिवारों को न्याय मिलने लगा है और उनकी रोजगार एवं अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के प्रयास जारी हैं।
अनुच्छेद 370 के हटने से भरोसा बढ़ा
उपराज्यपाल ने कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह भरोसा पैदा हुआ कि कश्मीरी पंडित समुदाय की युवा पीढ़ी बिना किसी डर के अपनी जड़ों की ओर लौट सकती है। समारोह में डीन रिसर्च स्टडीज जम्मू विश्वविद्यालय डॉ. नीरज शर्मा, मंडलायुक्त रमेश कुमार, IGP जम्मू भीमसेन टूटी और कश्मीरी पंडित समुदाय के अन्य सदस्य मौजूद थे।
संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखा
एलजी ने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने कठिन समय में अपनी दर्शन, अध्यात्म, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बचाए रखा। उन्होंने कश्मीर माइग्रेंट वेब पोर्टल की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि यह उन परिवारों के लिए है जिनकी जमीनों पर कब्जा किया गया था।
किताब में पलायन की कहानी
मनोज सिन्हा ने प्रो. कौल की किताब की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल साहित्यिक प्रयास नहीं है, बल्कि दशकों से छाई चुप्पी को तोड़ने और कश्मीरी पंडितों के पलायन की वास्तविकता को उजागर करने की कोशिश है।
आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख
उपराज्यपाल ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर बड़े बदलाव से गुजरा है। जनता के सपनों को बर्बाद करने वाली साजिश नाकाम रही है और विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से जुड़े हर व्यक्ति को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा और उन आतंकियों को कभी माफ नहीं किया जाएगा जिन्होंने आतंक फैलाया।
एलजी ने स्पष्ट किया कि कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक और सुरक्षित वापसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वादा है और सरकार इसे पूरी ईमानदारी से पूरा करेगी।

