जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सात और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद इस साल बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। हालांकि राहत और बचाव कार्यों के चलते प्रभावित लोगों की संख्या घटकर करीब 3.32 लाख रह गई है।
मृतकों के परिवारों को मिलेगा 9 लाख रुपये मुआवजा
राज्य सरकार ने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाकर 9 लाख रुपये प्रति परिवार कर दी है। इसके साथ ही मुआवजा प्राप्त करने के लिए जरूरी मानदंडों में भी कुछ राहत दी गई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि बाढ़ में लापता लोगों के मामले में यदि एक महीने के भीतर शव बरामद नहीं होता है, तो पीड़ित परिवारों को 9 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए सर्किल अधिकारी को आवश्यक प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार दिया गया है।
सात जिले अब भी बाढ़ की चपेट में
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के सात जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, सोनितपुर और कामरूप महानगर शामिल हैं। बाढ़ का असर 21 राजस्व सर्किल और 622 गांवों पर पड़ा है। सबसे ज्यादा प्रभावित चराइदेव जिला है, जहां करीब 1.42 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में 97,074 और जोरहाट में 57,371 लोग प्रभावित हुए हैं। मंगलवार को शिवसागर जिले के नजरिया राजस्व सर्किल से सात लोगों की मौत की सूचना मिली, जिसके बाद इस साल बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 75 तक पहुंच गया।
राहत शिविरों में हजारों लोगों ने ली शरण
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। राज्य में कुल 81 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 32,477 विस्थापित लोग रह रहे हैं। इसके अलावा 34 राहत वितरण केंद्र भी काम कर रहे हैं। भारतीय सेना, वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
45 हजार हेक्टेयर से ज्यादा फसल प्रभावित
बाढ़ के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर कृषि को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित जिलों में करीब 45,341.98 हेक्टेयर फसल क्षेत्र पानी में डूब गया है। इसके अलावा कई घरों, गौशालाओं, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए शिवसागर जिले में इंट्रा सर्कल रोमिंग (ICR) सुविधा को 30 जुलाई की रात 11:59 बजे तक या अगले आदेश तक बढ़ाया गया है।
प्रभावित परिवारों को मिलेगी 15 हजार रुपये की अंतरिम सहायता
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को 15 हजार रुपये की अंतरिम सहायता राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल लोग अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में बच्चों के लिए चल रही सीखने और खेलने की गतिविधियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बाढ़ की वजह से बच्चों की शिक्षा और बचपन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

