- जनवरी के अंतिम सप्ताह से छात्रों को टॉपर्स की कॉपियां देखने की मिलेगी सहूलियत
- सीसीएसयू की परीक्षा समिति में लिया गया निर्णय
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सोमवार को आपातकालीन परीक्षा समिति की एक बैठक आयोजित की गई। परीक्षा समिति की बैठक में वेबसाइट पर छात्र-छात्राओं की मार्कशीट को लेकर भी चर्चा की गई। बताया गया कि वेबसाइट पर जो मार्कशीट दिख रही है उसमें विश्वविद्यालय का लोगों और नाम लिखा हुआ है। जनवरी के अंतिम सप्ताह से विवि व उससे संबंधित महाविद्यालयों की कक्षाओं में टॉपर रहे छात्र-छात्राओं की कापियां सीसीएसयू की वेबसाइट पर दिखने लगेंगी।
बता दें कि परीक्षा समिति की आपातकालीन बैठक में कुलपति एनके तनेजा ने टॉपर्स की कॉपियों को शीघ्रता से वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा है। वहीं बैठक में वेबसाइट पर छात्र-़छात्राओं की मार्कशीट को लेकर भी चर्चा की गई। बताया गया कि वेबसाइट पर जो मार्कशीट दिख रही है उसमें विश्वविद्यालय का लोगो और नाम लिखा हुआ है, लेकिन प्रिंट लेने के बाद विश्वविद्यालय का लोगो और नाम नहीं आ रहा है। कुलपति ने आॅनलाइन मार्कशीट को पूरी तरह से सही करने के निर्देश दिए हैं। ताकि जिस तरह से स्क्रीन पर दिख रहा है वैसे ही प्रिंट भी निकल सके।
परीक्षा समिति की बैठक में चुनौती मूल्यांकन को लेकर भी निर्णय लिया गया है। जिसमें राजभवन से आए निर्देशों को सीसीएसयू में भी लागू करने के लिए कहा गया है। इसके बाद से चुनौती मूल्यांकन के लिए एक समय निर्धारित कर दिया जाएगा। पहले के मुकाबले चुनौती मूल्यांकन के लिए शुल्क भी अधिक लगेंगे। अब चुनौति मूल्यांकन दो चरणों में होगा। पहला मूल्यांकित मूल उत्तर पुस्तिका की संचारित स्कैन कॉपी देखने की सुविधा और दूसरा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका का अवलोकन करने के उपरांत और मूल्यांकन से असंतुष्ट होने पर पूनर्मूल्यांकन हेतू आवेदन करने की सुविधा।
मूल्यांकन के लिए पहले चरण के लिए अभ्यर्थी परीक्षाफल घोषित होने के 45 दिन के अंदर आॅनलाइन आवेदन कर सकते है। शुल्क की बात करे तो प्रथम चरण के लिए अब सभी पाठ्यक्रम के परीक्षार्थियों को तीन सौ रुपये प्रति प्रश्नपत्र जमा करना होगा। वहीं दूसरे चरण के लिए अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम जारी होने के 90 दिन के अंदर आॅनलाइन आवेदन कर सकते है।
जिसके लिए छात्र-छात्राओं को प्रति प्रश्नपत्र 25 सौ रुपये पेय करने होंगे। आॅनलाइन बैठक में कुलपति प्रो. एनके तनेजा, प्रति कुलपति वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक अश्वनी कुमार, प्रो. हरे कृष्ण, प्रो.एसएस गौरव, प्रो.नवीन चंद्र लोहानी आदि लोग उपस्थित रहे।
मूल्यांकन में लापरवाही बरतने पर मूल परीक्षक के विरुद्ध होगी कार्रवाई
परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चुनौति मूल्यांकन के प्राप्तांक अंको में 20 प्रतिशत से अधिक बदलाव होने की स्थिति में प्राथमिक स्तर पर मूल परीक्षक को नोटिस भेजा जाएगा। यदि ऐसे परीक्षक के तीन से अधिक प्रकरण एक ही प्रश्न-पत्र में उसी परीक्षा में आते है तो उस परीक्षक के संबंधित प्रश्न-पत्र के मूल्यांकन पूरा पारिश्रमिक रोक दिया जाएगा और उसके विरुद्व अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

