- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में खर्च होगी पांच गुना ज्यादा रकम
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: एससी वर्ग से आने वाले बच्चों को पढा़ई पर अब पहले के मुकाबले हर साल पांच गुना ज्यादा राशि खर्च होगी। साथ ही इसे लेकर संचालित योजना पर अगले पांच सालों में 59 हजार करोड रूपये से ज्यादा राशि खर्च की जाएगी।
खुर्जा विधानसभा विधायक विजेंद्र सिंह ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 59 हजार करोड़ रूपए के कुल निवेश को अनुमोदन प्रदान किया है। जिसमें से केंद्र सरकार 35 हजार करोड़ रूपए खर्च करेगी। इस महत्वपूर्ण स्कीम में केंद्र सरकार की भागीदारी अधिक होगी।
1.36 करोड ऐसे सबसे गरीब छात्र जो वर्तमान में 10वीं कक्षा के बाद अपनी शिक्षा को जारी नही रख सकते है, उनको अगले पांच वर्षों में उच्चतर शिक्षा प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा। यह स्कीम सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के साथ आनलाइन प्लेटफार्म पर संचालित की जाएगी। यानी छात्रों की छात्रवृत्ति अब डीबीटी मोड के माध्यम से सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया जाएगा और सोशल आडिट, तीसरे पक्ष द्वारा वार्षिक मूल्याकांन कराकर और प्रत्येक संस्थान की अर्धवार्षिक स्वत: लेखा परीक्षित रिपोर्टो के माध्यम से किया जाएगा।
केंद्रीय सहायता जो लगभग 1100 करोड रूपये प्रतिवर्ष थी, उसे वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान पांच गुना अधिक बढाकर छह हजार करोड रूपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। राज्य सरकारें बडी संख्या में एससी छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इस कार्यनीति को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भागीदार होंगे। इस दौरान खुर्जा विधानसभा विधायक विजेंद्र सिंह के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, विनय राणा व जिला मीडिया प्रभारी दीपक गर्ग मोनू मौजूद रहे।

