- सीजीएसटी की मेरठ टीम ने 13 जगहों पर छापा मारा
- फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को लगाया चूना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर की टीम ने मुरादाबाद में छापेमारी कर दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को 25.33 करोड़ का चूना लगाया है। सीजीएसटी की टीम ने इनके गोरखधंधे को उजागर करने के लिये तेरह स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। बाद में आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
मंगल पांडे नगर स्थित सीजीएसटी कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रधान आयुक्त सतेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि फर्जी इनवाइस जारी कर आरोपित भाई इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम करते थे फिर से दूसरी कंपनियों को पास आन करते थे। मुरादाबाद की फर्म डीएम एंड संस की प्रोपराइटर श्वेता मुरादाबाद की फर्म डीएम एंड संस की प्रोपराइटर श्वेता अग्रवाल दूसरी फर्म वेव एग्रो आयल के मालिक अर्चित अग्रवाल के खिलाफ फर्जी इनवाइस जनरेट करने का इनपुट मिला था।
अर्चित अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल के पति अंशुल अग्रवाल सगे भाई हैं। इन्होंने हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में कागजों में कंपनियां बना रखी हैं। जो किसी भी माल की बिक्री और खरीद नहीं करती बस इनवाइस जारी करती हैं। इनके खिलाफ मेरठ सीजीएसटी कमिश्नरी को सूचना मिली थी। जिसके बाद दिल्ली में पांच, लुधियाना में एक, कुरुक्षेत्र में एक और मुरादाबाद में पांच स्थानों पर छापेमारी की गई।
मेरठ के साथ दिल्ली, पंचकुला के कमिश्नरी की टीम ने छापेमारी में भाग लिया। छापेमारी में पता चला कि दोनो भाइयों ने 20 कंपनियां अलग अलग जगह बना रखी थी पर संचालन मुरादाबाद से करते थे। बताया कि कंपनियों के द्वारा जारी इनवायस और बैंक खातों की जांच के बाद दोनो भाइयों और उनके अकाउंटेट मुकेश और नितिन से पूछताछ की गई।
प्रधान आयुक्त ने बताया कि मौके से मिले कंप्यूटर के रिकार्ड और पेन ड्राइव की जांच करने पर फर्जीवाड़ा पता चला। खंगाली गई। आरोपी दोनो भाइयों के घर से 14 लाख रुपये भी बरामद हुए जिसे भी टीम ने जब्त कर लिया है। दोनो भाइयों ने फर्जी इनवायस जारी करने की बात स्वीकार की है।
जिसके बाद दोनों भाइयों को शुक्रवार की शाम सीजेएम कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। प्रेसवार्ता में संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार, सहायक आयुक्त अंकित गहलोत, अधीक्षक मौजूद रहे। छापेमारी में अधीक्षक देवेंद्र कुमार, आरएस राठौर, पीके शर्मा, राजकुमार, निरीक्षक दीपक श्रीवास्तव, बिजेंद्र, कमल सिंह, विपुल तोमर आदि रहे।

