Saturday, February 21, 2026
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मुकदमा दर्ज न करने पर वकीलों का जमकर हंगामा, मवाना रोड जाम की

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गंगा नगर थानांतर्गत ईशापुरम निवासी एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने फांसी लगाकर जान दे दी। अधिवक्ता अपने बेटे की ससुराल से चल रहे विवाद के कारण डिप्रेशन में चल रहे थे। मृतक वकील ने सुसाइड नोट में हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटिक समेत चौदह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।

सुसाइड नोट में विधायक पर आरोप लगाया गया है कि सुसराल पक्ष से समझौता करने के लिये दबाब बनाया और जान से मारने की धमकी भी दी। विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से इंकार करने पर वकीलों और परिजनों ने गंगा नगर थाने के सामने जमकर हंगामा कर रास्ता जाम कर दिया था।

गंगानगर के ईशा पुरम में सीनियर अधिवक्ता ओमकार तोमर ने अपने बेटे की शादी खतौली मुजफ्फरनगर में हुई थी। पत्नी के साथ विवाद के चलते ससुराल पक्ष के लोगों ने ओमकार तोमर उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था।

आरोप है कि बेटे ने खतौली में ससुराल के लोगों पर फायरिंग कर दी थी। उसके बाद एडवोकेट ओमकार तोमर और उनके बेटे पर जानलेवा हमले का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जिसके बाद खतौली पुलिस लगातार ओमकार चौधरी के घर पर दबिश डाल रही थी। मृतक अधिवक्ता ओमकार सिंह संघ में ईशापुरम के बस्ती प्रमुख थे। उनका बड़ा बेटा लव कुमार इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता है।

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छोटा बेटा देवेश साथ में रहता है। सुसाइड के वक्त बेटा देवेश व पत्नी कुसुम कस्तला गांव गए थे। तीन पेज का सुसाइड नोट पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट की जानकारी घर वालों को नहीं दी और अपने साथ लेकर चली गई। इस बात को लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया।

जब सुसाइड की जानकारी अन्य वकीलों को हुई तो काफी संख्या में वकील गंगा नगर थाने पहुंच गए और इंस्पेक्टर बी एस राणा से सुसाइड नोट दिखाने की बात करने लगे। इंस्पेक्टर ने जब आनाकानी की तो वकीलों ने नारेबाजी करते हुए घेराव कर दिया। वकीलों के उग्र अंदाज को देखते हुए इंस्पेक्टर ने सुसाइड नोट परिजनों को दिखा दिया। मूल निवासी खरखौदा के ऐंची गांव के रहने वाले थे।

तीन भाइयों में मंझले थे। ओमकार सिंह अधिवक्ता परिषद में महामंत्री थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके से सुसाइड नोट भी बरामद कर लिया गया है। थाना प्रभारी विजेंदर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

इनके खिलाफ हुआ मुकदमा

विधायक दिनेश खटिक, पूर्व प्रधान धर्मपाल, पूर्व प्रधान सहसंरपाल, संजय मोतला, जोगेन्द्र, योगेन्द्र, विनीत, रवित उर्फ रचित, स्वाति, ससुर राजकुमार, मनोज मोतला, बलराज, सास मुकेश और मुनेन्द्र प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

क्या आरोप लगाये

मृतक के बेटे की तरफ से दर्ज मुकदमे में कहा गया कि नामजद लोग ससुराल वालों से चल रहे विवाद में समझौता करने का दबाव डाल रहे थे। सात फरवरी को विधायक हस्तिनापुर दिनेश खटिक ने अपने फार्म पर पिता ओमकार और परिवार के अन्य लोगों को बुलाया और पिता के साथ बदतमीजी की और 15 लाख रुपये न देने की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी। विधायक ने फोन पर भी पिता को धमकाया था। इस कार पिता काफी डिप्रेशन में चल रहे थे। बारह फरवरी को नामजद पूर्व प्रधान घर आए और बोले कि विधायक ने भेजा है अगर पैसे नहीं दिये तो हत्या कर दी जाएगी।

आंदोलन की धमकी

एडवोकेट ओमकार सिंह तोमर के सुसाइड के मामले में विधायक की गिरफ्तारी न होने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश युवा अधिवक्ता एसोसिएशन ने आंदोलन करने का ऐलान किया है।

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