- मूसलाधार बारिश से शहर के दो दर्जन इलाकों में भारी जलभराव
- खानापूरी को नगर निगम ने दयाल कॉलोनी में कराई पानी की निकासी
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: सोमवार सुबह चार बजे से बारिश शुरू हुई तो दो बजे तक भी नहीं थमी। लगातार बारिश से महानगर पानी-पानी हो उठा। शहर के दो दर्जन से ज्यादा मोहल्लों में जलभराव हो गया।
नगर निगम के नाला सफाई के सारे दावे धरे रह गए। हालात बिल्कुल जुदा हो गए। हालांकि, नामचारे को दिल्ली रोड एवं दयाल कालोनी सहित कुछ और निचले क्षेत्रों में नगर निगम के टैंकरों और मशीनों की मदद से बारिश का पानी निकाला गया लेकिन महानगर में तमाम क्षेत्रों में हालत पतली रही।
बता दें कि नगर निगम में इन दिनों केवल कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। सचाई ये है कि अधिकांश काम कागजों पर हो रहे हैं। चाहे वह सेनेटाइजेशन का काम हो, नाला सफाई का, अतिक्रमण हटाने का अथवा सौंदर्यीकरण का।
जानकर हैरत होगी कि अभी तक कूड़ा निस्तारण की मुकम्मल व्यवस्था सहारनपुर शहर में नहीं हो सकी है। एक तरह नगर निगम में पूरा गिरोह बन गया है। यहां धन की बंदरबांट हो रही है।
नगर निगम ने नालों की सफाई का जोर-शोर से ढिंढोरा पीटा था लेकिन, सोमवार की बारिश में पोल खुल गई। सुबह छह बजे से दोपहर लगभग दो बजे तक हुई मूसलाधार बारिश से शहर के अनेक निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया था।
अधिकांश क्षेत्रों में शहर के लोगों द्वारा नालों में कूड़ा—कचरा और नाले नालियों पर अतिक्रमण जलभराव का कारण रहा। हालांकि, इसको साफ करने का जिम्मा नगर निगम का है।
लेकिन, नाला सफाई के नाम पर अधिकारी अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं। यही नहीं, शहर के दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को आज तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है।
इसको बनाने के टेंडर दिए जा चुके हैं। लेकिन, ठेकेदारों की मनमानी देखिए कि वह काम नहीं शुरू कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हर किसी का इसमें कमीशन बंधा है।
इसलिए बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे। महानगर की दयाल कालोनी में भी कुछ लोगों द्वारा नाली पर अतिक्रमण कर उन्हें बंद करा दिया गया था और सड़क को भी ऊंचा उठा दिया गया था, जिसके कारण अनेक लोगों के घरों में पानी जमा हो गया।
क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि दिग्विजय चौहान ने इसकी सूचना नगर निगम को दी। इस पर नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह द्वारा प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल बीएस नेगी के नेतृत्व में निगम की एक टीम जेसीबी, तीन टैेंकरों और मशीनों सहित दयाल कालोनी भेजी गई। नगर मजिस्ट्रेट सुरेश सोनी भी दयाल कालोनी पहुंचे।
इस बीच निगम द्वारा मशीनों से कालोनी में इकट्ठा हुआ पानी बाहर निकाला गया, जिससे लोगों को राहत मिली। लेकिन, दयाल कालोनी की सफाई से क्या होता है, शहर के तमाम और इलाके जहां जलभराव से देर रात तक लोग जूझते रहे और निगम अफसरों को कोसते रहे। शहर के तमाम आवासीय क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान रहे।
Behtarin coverage 👌
Comments are closed.