जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी के बाद पहले पंजशीर और अब इस्लामिक स्टेट उसके गले की फांस बन रहा है। हालांकि, तालिबान ने अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज को बंदूक के दम पर कुचलने का काम किया है।
पंजशीर में छिड़े विद्रोह को उसने इसी तरह शांत किया था और अब तालिबान ने दावा किया है कि उसने इस्लामिक स्टेट के 55 से अधिक आतंकियों को घुटने के बल ला दिया है। तालिबान का कहना है कि उसने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों को समर्पण के लिए मजबूर कर दिया है। इससे पहले भी उसने 65 आतंकियों के आत्मसमर्पण का दावा किया था।
तालिबान के गले की फांस बना है आईएस
अफगानिस्तान में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट तालिबान की गले की फांस बन चुका है। वह तालिबान के लड़ाकों को निशाना बनाते हुए लगातार हमले कर रहा है, इसमें कई तालिबान लड़ाकों की मौत भी हो चुकी है।
इस्लामिक स्टेट ने पिछले दिनों बयान जारी किया था कि तालिबान ने अफगानिस्तान को बर्बाद करने का काम किया है और वह इसे खत्म करके रहेगा। पिछले दो महीने में आईएस ने अफगानिस्तान में आतंकी हमले भी बढ़ा दिए थे।
मारा गया था सर्वोच्च कमांडर
आईएस ने तालिबान को कई झटके दिए हैं। पिछले सप्ताह ही काबुल के अस्पताल में उसके द्वारा किए गए हमले में तालिबान का काबुल कमांडर मारा गया था।
यह तालिबान के लिए अबतक का सबसे बड़ा झटका है। इस नुकसान के बाद ही तालिबान के सर्वोच्च नेता हैबतुल्ला अखुंदजादा का बयान सामने आया था।

