जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पद्मश्री वीरेंद्र सिंह उर्फ गूंगा पहलवान ने कैश अवॉर्ड में अनदेखी मामले को लेकर गुरुवार को पंचकूला में खेल निदेशक आईपीएस पंकज नैन से मुलाकात की।
गूंगा पहलवान ने अपनी तमाम समस्याओं और मांगों को खेल महानिदेशक के समक्ष रखा। मिलने के बाद खेल महानिदेशक ने कहा कि वीरेंद्र पहलवान की समस्याओं को लेकर बातचीत सार्थक रही है, इनकी मांग है कि पैरा खिलाड़ियों की तर्ज पर उन्हें भी कैश अवॉर्ड दिया जाए।
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार कमेटी गठित करने का फैसला लिया गया है जो पूरे मामले की समीक्षा करेगी।
गूंगा पहलवान के भाई रामवीर ने बताया कि खेल निदेशक की ओर से आश्वासन दिया गया कि उनकी मांग को पूरा किया जाएगा। यदि सरकार उनका सहयोग करती है तो वह भी सरकार का पूरा सहयोग करेंगे।
बता दें कि बुधवार को पहलवान दिल्ली स्थित हरियाणा भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया था। सीएम के आश्वाशन के बाद उसने धरना खत्म कर दिया था।
ओलंपिक, पैरालंपिक के मुकाबले डेफ खिलाड़ियों को कम मिलती है राशि
हरियाणा की खेल नीति में दो पॉलिसी बनाई गई हैं। एक नौकरी देने की और दूसरी कैश अवार्ड देने की। ओलंपिक और पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर छह करोड़ रुपये का इनाम दिया जाता है।
डेफ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम दिया जाता है। वीरेंद्र पहलवान की मांग है कि इनकी मांग है कि डेफ खिलाड़ियों को पैरा खिलाड़ियों का दर्जा दिया जाए।

