Monday, April 13, 2026
- Advertisement -

भारतीय रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक शुरू

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी) (MPC) की बैठक आज से शुरू हो गई है और बुधवार (8 दिसंबर) को केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति समीक्षा के नतीजे जारी करेगा।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में चलने वाली एमपीसी की बैठक में नीतिगत दरों में बदलाव करने समेत कई आर्थिक फैसलों की समीक्षा की जाएगी।

इस बैठक में संभावना है कि दुनिया भर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आशंकाओं को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लिया जाएगा।

दरों में बदलाव की संभावना कम 

विशेषज्ञों की मानें तो 8 दिसंबर को तीन दिवसीय बैठक के नतीजे आएंगे और इस बार नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार के बदलाव की संभावना कम है। यानी उम्मीद है कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों को यथावत रख सकता है।

गौरतलब है कि दुनिया भर के देशों में नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीज मिल रहे हैं और भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में आर्थिक सलाहकारों के हवाले से कहा गया है कि आरबीआई दरों में कुछ बदलाव कर सकता है।

आठ एमपीसी बैठकों में यथावत रहीं दरें 

भारतीय रिजर्व बैंक ने नीतिगत दरों में बदलाव आखिरी बार 22 मई 2020 को किया था। इसके बाद कोरोना काल में आठ बार मौद्रित नीति समीक्षा हो चुकी है और इन बैठकों के बाद अब तक कोई भी बदलाव नहीं किया गया है।

इस समय रेपो रेट की दर 4 फीसदी पर है और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर बनी हुई है। आज से शुरू हो रही एमपीसी की यह बैठक इस साल की आखिरी है और ओमिक्रॉन समेत कई कारकों पर इसमें गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।

इन मुद्दों पर होगा विचार-विमर्श

रिपोर्ट के अनुसार, रेपो दरों में बदलाव के अलावा इस बैठक में अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने की जरूरत पर ध्यान केंद्रित होगा, जबकि मुद्रास्फीति दरों में आ रहे उतार-चढ़ाव को भी केंद्र में रखकर बैठक के फैसले लिए जाएंगे।

अक्तूबर में हुई बैठक में मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी ने वित्त वर्ष 2021 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 9.5 फीसदी पर बरकरार रखा था।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

वरुथिनी एकादशी का व्रत सौभाग्य, सुख और समृद्धि प्रदान करता है

पंडित-पूरन चंन्द जोशी वरुथनी एकादशी सोमवार 13 अप्रैल, वैशाख कृष्ण...

न जाने कौन सा पल मौत की अमानत हो…!

  राजेंद्र बज जिंदगी का कोई भरोसा नहीं। कब किसी के...

अकालग्रस्त क्षेत्र में ड्यूटी की चाहत

ड्यूटी तो वे कर रहे थे, लेकिन वे संतुष्ट...

गीतों में ढला था आशा का जीवन

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय फिल्म जगत को लगातार...
spot_imgspot_img