- प्रशासन के उड़े होश, जबरन कराई लीपापोती, फलावदा में हुई फायरिंग का मामला
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: कस्बे के मोहल्ला बंजारान में दबंगई से फायरिंग करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होने से चलते ख़ौफज़दा पीड़ित पक्ष व उसके पड़ोसी दुकानदार ने असुरक्षा की भावना से पलायन का ऐलान कर दिया। दीवारों पर मकान बिकाऊ है की इबारत लिखवाये जाने से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने जबरन मकानों की पुताई कराकर पीड़ितों के इस कदम को अराजक तत्वों की हरकत करार देने की कवायद शुरू कर दी।
बता दें कि कस्बे के मोहल्ला बंजारान में दो दिन पूर्व कुछ युवकों ने वर्चस्व दिखाने के लिए दबंगई से फायरिंग कर दी थी। इस मामले में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे, जिनमें कई घायल फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। फायरिंग के इस मामले में नौ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद जब पुलिस किसी भी नामजद को गिरफ्तार नहीं कर पाई तो खौफजदा होकर पीड़ितों के साथ उनके एक पड़ोसी ने गुरुवार को पलायन करने का ऐलान कर दिया।

उन्होंने अपनी दरों दीवारों पर मकान बिकाऊ है लिखा दिया। पीड़ितों के साथ भयभीत उनके पड़ोसी सिराज ने भी मकान पर यह मकान बिकाऊ है, लिखा दिया। पलायन की खबर फैलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने दबाव बनाकर दीवारों पर लिखी इबारत को पेंट से पुतवाने लगी। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में सभी मकानों पर लिखे को पेंट से पुतवा दिया।
फायरिंग के पीड़ित मुन्ना, पीरू, आलम, शरफू गिरधारी, शरीफ, यूसुफ, लाला, समीरा आदि के अलावा उनके पड़ोसी सिराज ने बताया कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से दहशत का माहौल है। इसलिए उन्होंने पलायन करने का इरादा किया है। उन्हें जान माल का खतरा है।
प्रशासन पलायन प्रकरण प्रकरण का ठीकरा अराजक तत्वों से सिर फोड़ने की कवायद कर रहा है। पुलिस द्वारा अपनी नाकामी छुपाने के लिए पीड़ितों को समझा-बुझाकर उनकी वीडियो बनाई गई, जिसमें पलायन का खंडन कराया गया है। यह मामला कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

