
‘भारतीय सिनेमा : फिल्मी हस्तियों से संवाद’, अपने शीर्षक के ही मुताबिक इस किताब में हिंदी सिनेमा की कद्दावर शख़्सियतों से लेखक-पत्रकार दीप भट्ट की बातें-मुलाकातें हैं। अनामिका पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स (प्राइवेट) लिमिटेड से प्रकाशित इस किताब का सबसे खास हिस्सा, सदाबहार हीरो देव आनंद का है। इस हिस्से में उनके लंबे इंटरव्यू के साथ-साथ उनकी पत्नी कल्पना कार्तिक, बेटे सुनील आनंद और बेटी देविना ने देव आनंद के व्यक्तित्व, काम और उनकी फिल्मों पर बात की है। पूरी किताब को पढ़कर, यह एहसास होता है कि लेखक दीप भट्ट भी खुद, देव आनंद की शख़्सियत और अदाकारी के दीवाने हैं। यही वजह है कि चाहे वे वहीदा रहमान से बात करें, या शकीला, या फिर सुभाष घई से देव आनंद का जिक्र जरूर आता है। इन सब ने भी खुलकर, उनके बारे में बात की है। यह पूरी किताब लेखक के काम का दो दशक का सरमाया है। इस दरमियान कई कलाकार, निर्देशक, गीतकार हमसे जुदा हो गए। किताब के श्रद्धांजलि खंड में भी देव आनंद की शख़्सियत और उनकी फिल्मों के अनछुए पहलुओं पर अभिनेता-निर्देशक मनोज कुमार से बातचीत है। जिसमें मनोज कुमार ने देव आनंद के व्यक्तित्व के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की है। लेखक ने किताब के 500 पन्नों में तकरीबन 100 पेज देव आनंद को दिए हैं। यानी देव आनंद, उनकी फिल्में और उनके निर्देशन को जानने-समझने के लिए, किताब में काफी कुछ है। किताब का एक खंड, श्रद्धांजलि खंड है। जिसमें फिल्मी दुनिया की नामचीन हस्तियों नादिरा, ख़्वाजा अहमद अब्बास, मृणाल सेन, गिरीश कर्नाड, मन्ना डे, मेहदी हसन, यश चोपड़ा, शमशाद बेगम, फारुख शेख आदि पर श्रद्धांजलि लेख हैं। कहने को किताब में सिर्फ़ इंटरव्यू और श्रद्धांजलि आलेख हैं, लेकिन इन सब को एक साथ पढ़ने के बाद कहा जा सकता है कि ‘भारतीय सिनेमा : फिल्मी हस्तियों से संवाद’, आजादी के बाद के हिंदी सिनेमा का सफरनामा है।
पुस्तक : भारतीय सिनेमा : फिल्मी हस्तियों से संवाद, लेखक : दीप भट्ट, प्रकाशक : अनामिका पब्लिशर्स, मूल्य : 495 रुपये
जाहिद खान


